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'भगवान श्रीराम' की 310 वीं पीढ़ी है जयपुर का राजपरिवार: दीया कुमारी

कोर्ट के रामलला के वकील से भगवान राम के वंशज के संबंध में सवाल पूछने के बाद राज घराने की दीया कुमारी ने अपने परिवार को भगवान राम का वंशज होने का दावा किया है.

'भगवान श्रीराम' की 310 वीं पीढ़ी है जयपुर का राजपरिवार: दीया कुमारी
पूर्व राजकुमारी दीयाकुमारी राजसमंद से बीजेपी सांसद हैं. (फाइल फोटो)

मनोज माथुर, जयपुर: पूरे देश में अयोध्या की राम जन्म भूमि को लेकर विवाद छिड़ा है. इसी विवाद को जल्द सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है. इसी दौरान 9 अगस्त को कोर्ट ने रामलला के वकील से पूछा था कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? इस पर वकील ने कहा था- हमें जानकारी नहीं.

मगर जयपुर के राजपरिवार का कहना है कि वे भगवान राम के बड़े बेटे कुश के नाम पर ख्यात कच्छवाहा/कुशवाहा वंश के वंशज हैं और उनकी 310वीं पीढ़ी हैं. अगर सुप्रीम कोर्ट उनसे सबूत मांगता हैं तो वे कोर्ट को इसके दस्तावेज देने को तैयार हैं. 

पूर्व राजकुमारी दीयाकुमारी ने बताया कि जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह भगवान राम के बड़े बेटे कुश के 289वें वंशज थे. उनके पास एक पत्रावली है, जिसमें भगवान श्रीराम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रमवार दर्ज हैं. साथ ही उनके पास 9 दस्तावेज, 2 नक्शे रखे हैं जो साबित करते हैं कि अयोध्या के जयसिंहपुरा और राम जन्मस्थान सवाई जयसिंह द्वितीय के अधीन ही थे. 1776 के एक हुक्म में लिखा था कि जयसिंहपुरा की भूमि कच्छवाहा के अधिकार में हैं. भगवान श्री राम के कुशवाहा वंश के 63वें वंशज थे. इसी तरह पूर्व राजकुमारी दीयाकुमारी भगवान श्री राम की 310वीं पीढ़ी है. 

पूर्व राजकुमारी दीया के अनुसार कच्छवाहा वंश के भगवान राम के बड़े बेटे कुश के नाम पर कुशवाहा वंश भी कहा जाता है. इसकी वंशावली के मुताबिक 62वें वंशज राजा दशरथ, 63वें वंशज श्री राम, 64वें वंशज कुश थे. 289वें वंशज आमेर-जयपुर के सवाई जयसिंह, ईश्वरी सिंह और सवाई माधो सिंह और पृथ्वी सिंह रहे. भवानी सिंह 307वें वंशज थे.

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सवाई जयसिंह ने अयोध्या में बनावाया था मंदिर, सरयू नदी पर की थी पूजा
पूर्व राजकुमारी दीयाकुमारी ने बताया कि सवाई जयसिंह ने 1717 में अयोध्या में मंदिर भी बनवाया था. साथ ही सरयू नदी जहां श्री राम ने समाधी ली थी, वहीं पूजा भी कराई थी. 1776 में नवाब वजीर असफ- उद- दौला ने राजा भवानी सिंह को हुक्म दिया था कि अयोध्या और इलाहाबाद स्थित जयसिंहपुरा में कोई दखल नहीं दिया जाएगा. ये जमीनें हमेशा कच्छवाहा के अधिकार में रहेंगी. औरंगजेब की मृत्यु के बाद सवाई जयसिंह द्वितीय ने हिंदू धार्मिक इलाकों में बड़ी-बड़ी जमीन खरीदीं. 1717 से 1725 में अयोध्या में राम जन्मस्थान मंदिर बनवाया था.

कोर्ट दस्तावेज मांगेगा तो जरूर देंगे
दीया कुमारी ने कहा कि हमने कभी आगे बढ़कर किसी से नहीं कहा कि हम श्री राम के वंशज हैं. लेकिन अगर कोर्ट हमसे इसे प्रमाणित करने को कहेगा तो हम कोर्ट को दस्तावेज उपलब्ध जरूर कराएंगे. 

उन्होंने कहा कि पूरे देश की जनता कि तरह हम भी चाहते हैं कि राम मंदिर मामले की सुनवाई तेजी से हो और इस पर कोर्ट जल्द अपना फैसला सुनाए.