राजस्थान: DM-DSO तय करेंगे सामानों के Rate, आटा मील चक्कियों से लेंगे शपथ पत्र

आटा चक्कियों, किराना दुकानों पर बिकने वाली राशन सामाग्री (आटा, गेंहू) किस दर पर मिलेगा इसका निर्धारण जिला कलेक्टर या रसद अधिकारी (डीएसओ) कर सकेंगे.  

राजस्थान: DM-DSO तय करेंगे सामानों के Rate, आटा मील चक्कियों से लेंगे शपथ पत्र
दुकानदार,कलेक्टर या डीएसओ की ओर से निर्धारित दर पर ही आटा बेचेंगे.

जयपुर: प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) अवधि के दौरान जरूरतमंदों को कालाबाजारी से बचाने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है. इसके तहत आटा चक्कियों, किराना दुकानों पर बिकने वाली राशन सामाग्री (आटा, गेंहू) किस दर पर मिलेगा इसका निर्धारण जिला कलेक्टर या रसद अधिकारी (डीएसओ) कर सकेंगे.

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस संदर्भ में सभी जिला कलेक्टरों को अधिकार दिए हैं. इतना ही नहीं दुकानदार, कलेक्टर या डीएसओ की ओर से निर्धारित दर पर ही आटा बेचेंगे, इसके लिए आटा मील चक्की एवं रोलर फ्लोर मील संचालकों से शपथ पत्र लिया जाएगा.

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि प्रदेशभर में आटा मील चक्की एवं रोलर फ्लोर मिल संचालकों को जिला कलेक्टरों की सहायता से भारतीय खाद्य निगम (FCI) से 23 रुपए किलोग्राम की दर से गेंहू लेने के कहा है, ताकि इस विपरित परिस्थितियों में लोगों तक सरकार व व्यापारियों के माध्यम से गेंहू, आटा की आपूर्ति की जा सके.

एफसीआई से लिए जा रहे इस गेंहू से बना आटा आमजन को महंगा न मिले यानी इसकी कालाबाजारी को रोका जा सके इसके लिए कलेक्टरों व डीएसओ को इस आटे की विक्रय दर निर्धारित करने के लिए कहा गया है. ताकि ये मिल संचालक आटे को निर्धारित की गई दरों पर बाजारों में खुदरा व थोक व्यापारियों तक न पहुंचा सके और वहां से आमजन भी निर्धारित दरों पर आटा खरीद सकें.

गौरतलब है कि, लॉकडाउन होने के बाद शहर के किराना दुकानदारों, आटा चक्कियों आदि पर आटे के दामों में 5 से लेकर 20 रुपए किलोग्राम तक की बढ़ोतरी कर उसे कालाबाजारी से बेचा जा रहा है. इसको लेकर आमजन द्वारा की कई शिकायतें भी प्रशासन को मिल रही है. आटा महंगी दरों पर लोगों को न मिले, इसके लिए ही सरकार ने जिला कलेक्टरों को आटा मिल चक्की संचालकों को 23 रुपए किलो की दर से एफसीआई से गेहूं दिलवाने के लिए कहा गया है.