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कोटा: डॉक्टर ने CMHO पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, मचा हड़कंप

मामले में सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर के जयपुर में मीटिंग में होने के कारण उनका पक्ष नही लिया जा सका.

कोटा: डॉक्टर ने CMHO पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, मचा हड़कंप
रुपये मांगने के बारे में जब विभाग के बाबू सत्यनारायण से बात की तो उन्होंने पैसे मांगने की बात से इनकार कर दिया.

मुकेश सोनी, कोटा: राजस्थान के कोटा में एक चिकित्सक ने सैलरी बनाने व डेपुटेशन निरस्त करवाने के एवज में सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर पर 1 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है. साथ ही राज्य सरकार को सही सूचना भिजवाने व मीडिया में प्रकाशित खबर का खंडन करने की मांग को लेकर सीएमएचओ को पत्र देकर भूल सुधार करने का प्रार्थना पत्र लिखा है. मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ विभाग में हड़कंप मच गया है. 

यह है मामला
कनिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसिन डॉ. अनिल ने बताया कि वो मेडिकल कॉलेज के अधीन आते है. जुलाई 2018 से वो रामपुरा जिला अस्पताल में पदस्थापित है. यहां कनिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसिन का एक ही पद सृजित है. इस कारण उनका वेतन कनवास से बनता है. रामपुरा जिला अस्पताल, सीएमएचओ के अधीन नहीं मेडिकल कॉलेज के अधीन आता है. उसके बाद भी सीएमएचओ ने सरकार को वेतन आहरण संस्थान पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव भेजा था. 

उस प्रस्ताव में उनके साथ एक दर्जन से अधिक चिकित्सकों को अधिशेष श्रेणी में बताया था और इसकी खबर मीडिया में प्रकाशित करवाई. डॉ. अनिल ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ ने किस नियम के तहत मेरे नाम का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा, जबकि मैं मेडिकल कॉलेज के अधीन आता हूं. डॉ. अनिल ने कहा कि मीडिया में खबर प्रकाशित करवाकर सरकार को गलत सूचना भेज कर मुझे मानसिक रूप से दुखी किया गया. उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में सीएमएचओ कार्यालय में सम्पर्क किया तो वहां मौजूद बाबू सत्यनाराण ने सीएमएचओ का नाम लेकर 1 लाख रुपये की डिमांड की. 

डॉ. अनिल बताया कि जब वो भुल सुधार करवाने की मांग को लेकर सीएमएचओ के पास पहुंचे तो सीएमएचओ ने उनके पत्र को स्वीकार नही किया. उन्होंने बताया कि पत्र में उन्होंने सीएमएचओ से राज्य सरकार को सही सूचना भिजवाकर, खबर का खंडन प्रकाशित करवाने का अनुरोध किया था. इसकी प्रति शासन उप सचिव चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग, निदेशक चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग के नाम भी लिखी है. भूल सुधार नही होने पर न्यायालय की शरण मे जाने की चेतावनी दी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि बाबू सत्यनारायण ने पहले भी डेपुटेशन निरस्त करने को लेकर दस हजार की मांग की थी, लेकिन उन्होंने नही दिए. 

पहले भी विवादों में रहे है सीएमएचओ
कुछ समय पहले आशा सहयोगिनी की जिला स्तरीय मीटिंग में रात के समय होटल में वीडियोग्राफी करवाने के मामले में आशाओं ने उच्चाधिकारियों को सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर की लिखित शिकायत की थी. जिसकी जांच जॉइंट डायरेक्टर चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में लंबित है. वहीं, जिला रामपुरा अस्पताल में दखल देने के मामले में जिला रामपुरा अस्पताल अधीक्षक से भी बहस हो चुकी. सीएमएचओ भूपेंद्र सिंह तंवर की कार्यशैली को लेकर कर्मचारियो में भी रोष व्याप्त है. एक बार तो कर्मचारियों ने सीएमएचओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था लेकिन आपसी समझाइस पर मामला सुलझाया गया था.

बाबू ने किया इनकार
रुपये मांगने के बारे में जब विभाग के बाबू सत्यनारायण से बात की तो उन्होंने पैसे मांगने की बात से इनकार कर दिया. सत्यनाराण ने बताया कि उन्होंने सीएमएचओ के नाम पर रुपये नही मांगे. पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर व अधिकारी पर दबाव बनाने के मकसद से डॉ. अनिल ने आरोप लगाया है. सरकारी आदेश के बाद ही वेतन आहरण पर संस्थान द्वारा अंकुश लगाने का प्रस्ताव भेजा था. मामले में सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर के जयपुर में मीटिंग में होने के कारण उनका पक्ष नही लिया जा सका.