बीकानेर: नेताओं की लापरवाही ने लगाया बेरोजगारों के सपनों पर ताला, जानें कैसे...

बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र में चाइना क्ले की प्रचुर मात्रा होने के कारण स्थानीय युवाओं के साथ आस-पास के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से बनाया गया था.

बीकानेर: नेताओं की लापरवाही ने लगाया बेरोजगारों के सपनों पर ताला, जानें कैसे...
लाखों की लागत से बना प्रशिक्षिण सेंटर और इसमें लगाई गई मशीन धूल फांक रही है.

त्रिभुवन रंगा/बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर की मिट्टी से युवाओं के भविष्य को संवारने का सपना मिट्टी में मिल गया. ग्रामीण क्षेत्र के युवाओ को रोजगार देने के उद्देश्य से लाखों की लागत से बने चाइना क्ले फर्नेस सेंटर आज जर्जर अवस्था मे धूल फांकता नजर आ रहा है. 

बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र में चाइना क्ले की प्रचुर मात्रा होने के कारण स्थानीय युवाओं के साथ आस-पास के युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से बनाया गया था. राज्य सरकार के सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत करीब 30 लाख की लागत से चायना क्ले फर्नेस सेंटर की स्थापना की थी. वर्ष 2012 में जिला कलेक्टर डॉ.पृथ्वीराज ने इस सेंटर का शुभारंभ किया था. जहां ग्रामीण एवं शहरी नवयुवकों को सिरेमिक एवं स्थानीय खनिजों पर आधारित विभिन्न कलात्मक हस्तशिल्प उत्पाद जैसे ब्लू पॉटरी, मिट्टी के जेवरात, डिब्बियां, पीओपी व मिट्टी के खिलौने का निर्माण एवं उन पर कलर, ग्लेजिंग आदि का प्रशिक्षण दिया जाना था. लेकिन कुछ ही समय में यह सेंटर बंद हो गया जो आज तक बंद ही पड़ा है.

स्थानीय युवा विनोद व नन्द किशोर कहते है कि चाइना फर्नेश सेंटर खुलने से यहां के युवाओ को रोजगार की आस जगी लेकिन लाखों की लागत से बना प्रशिक्षिण सेंटर और इसमें लगाई गई मशीन धूल फांक रही है. अगर प्रशासन इस केंद्र को दुबारा चालू करे तो यहां के युवाओं व उद्यमियों के लिए रोजगार के कई रास्ते खुल जाएंगे, जरूरत है इस पर ध्यान देने की.

वहीं, बीकानेर जिला परिषद के अधिशासी अभियंता यशपाल पुनिया कहते है कि यह केन्द्र चाइना क्ले से बनने वाली वस्तुओं के प्रशिक्षण के लिए बनाया जिसमे जिला परिषद 16 लाख की लागत से बिल्डिंग का निर्माण करवाया लेकिन इस केंद्र की नोडल एजेंसी जिला उधोग को बनाया गया. हालांकि, वो इस बात को भी स्वीकार कर रहे है वर्तमान में इस केंद्र का कोई उपयोग नहीं हो रहा और बंद पड़ा है.

बहरहाल, मुद्दा ये नहीं की यह केन्द्र जिला परिषद या जिला उधोग केंद्र में ये किसके अधीन है. जरूरत है बीकानेर में इस केंद्र को दुबारा चालू करने की जिससे यहां का युवाओं के रोजगार का रास्ता खुले.