जयपुर: फायरिंग ने बदला राजस्व खुफिया निदेशालय का एक्शन प्लान, करोड़ों का सोना बरामद

कार की तलाशी लेकर उसमें से साढ़े पांच किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिसका बाजार मूल्य 2 करोड़ 75 लाख रुपए है.  

जयपुर: फायरिंग ने बदला राजस्व खुफिया निदेशालय का एक्शन प्लान, करोड़ों का सोना बरामद
बरामद सोने और चांदी के मूल सोर्स की तालाश जारी है.

जयपुर: जयपुर क्षेत्रीय मुख्यालय पर राजस्व आसूचना की टीम को सूचना मिली थी की बड़ी मात्रा में सोना (Gold) जयपुर से जोधपुर ले जाया जा रहा है. जोधपुर के खारिया मीठापुर में तस्करी की आशंका में जांच करने गई राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम पर सोना ले जा रहे लोगों के साथ मौजूद निजी सुरक्षा गार्ड ने गोली चला दी.

गोली टीम के साथ गए एक स्वतंत्र गवाह को लगी. गंभीर रूप से घायल गवाह को इलाज के लिए जोधपुर लाया गया है. डीआरआई की जोधपुर टीम ने बर से इनोवा कार का पीछा करना शुरू किया. खारिया मीठापुर और बिलाड़ा के बीच सोना लेकर आ रहे लोगों की इनोवा कार को रूकवाया गया.

इस बीच कार में सवार व्यक्ति ने फायर कर दिया. गोली डीआरआई टीम की कार में बैठे स्वतंत्र गवाह सुमेर सैन के जा लगी. गंभीर घायल सुमेर को तुरंत बिलाड़ा स्थित ट्रामा सेंटर ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया.

घटनास्थल पर पहुंच पुलिस ने गोली चलाने वाले गार्ड मनोहर सिंह समेत बाबूसिंह और रतन कच्छवाह को गिरफ्तार कर लिया. कार की तलाशी लेकर उसमें से साढ़े पांच किलोग्राम सोना बरामद किया गया, जिसका बाजार मूल्य 2 करोड़ 75 लाख रुपए है. जांच में यदि व्यापारी बरामद सोने का बिल पेश नहीं कर पाए तो माना जाएगा कि यह तस्करी का सोना है.

इस पूरे मामले में अब राजस्व आसचूना निदेशालय अपनी कार्यशैली में अहम बदलाव करने की तैयारी में है. अब प्रत्येक एक्शन में सशस्त्र पुलिस बल भी रखने की तैयारी है. वहीं, नाकेबंदी के लिए स्थानीय पुलिस की मदद भी ली जाएगी. हालांकि, डीआरआई वर्तमान में पुख्ता सूचना पर ही कार्रवाई को अंजाम देती हैं, लेकिन हालिया घटना में किसी भी अधिकारी के पास हथियार नहीं होने से सुरक्षा पर सवाल उठ खड़े हुए थे. डीआरआई अब पूरे मामले को लेकर जयपुर और जौधपुर में तफ्तीश तेज करने की चुकी है. बरामद सोने और चांदी के मूल सोर्स को खंगाला जा रहा है.