21 दिन के लॉकडाउन में भूखा न सोए गरीब, राजस्थान सरकार बंटवाएगी ड्राई फूड के पैकेट

सीएम ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों तक भोजन राशन पहुंचाने में आगे आकर सहयोग करें.

21 दिन के लॉकडाउन में भूखा न सोए गरीब, राजस्थान सरकार बंटवाएगी ड्राई फूड के पैकेट
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: कोरोना संक्रमण को ब्रेक करने के लिए 21 दिन तक लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से ड्राई फूड पैकेट तैयार करवाए जा रहे हैं. इसमें आटा, चावल, दाल खाद्य तेल, साबुन, हल्दी, मिर्ची, नमक दिया जा रहा है.

जरूरतमंदों की सूची पटवारी, ग्राम सेवकों के माध्यम से तैयार करवाई जा रही है. यह जरूरतमंद वह लोग हैं जो कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं लेते हैं लेकिन रोजाना दिहाड़ी मजदूरी कर कर अपना पेट पालते हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जिला कलेक्टर को सख्त आदेश है कि कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए.

बता दें कि पूरे देश के साथ ही राजस्थान (Rajasthan) भी कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट का सामना कर रहा है. संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील की है. इसके लिए विशेष रूप से 'कोविद-19 रिलीफ फंड' भी बनाया गया है. इसी के चलते कई मंत्रियों समेत आमजन पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं.

मुख्यमंत्री की सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से अपील की है. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों तक भोजन राशन पहुंचाने में आगे आकर सहयोग करें.

सभी से सीएम ने की अपील
साथ ही एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं सामाजिक संगठनों के साथ ही पटवारी, ग्राम सेवक, तहसीलदार, बीडीओ, एसडीओ बीट कॉन्स्टेबल से भी मदद का आह्वान किया. सीएम गहलोत ने कहा कि कच्ची बस्तियों में रहने वाले गरीबों, कचरा बीनने वालों, रिक्शा चालकों, निराश्रित घुमंतु लोगों तक भोजन एवं राशन पहुंचाने के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी लें. भोजन और राशन के पैकेट जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग हो.

सीएम ने सांसद विधायक कोष का भी उपयोग करने को कहा है. उन्होंने पूरे देश में अगले 21 दिन तक लॉकडाउन रहेगा. संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं सोने देगी. राज्य स्तर पर वॉर रूम जयपुर में स्थापित किया जा चुका है. जिला स्तर पर भी एडीएम की निगरानी में वॉर रूम बनाए गए हैं.