परिजनों की जिद के आगे झुकी दुबई सरकार, गांव में होगी पन्नेसिंह की अंत्येष्टि

झुंझुनूं (Jhunjhunu News) के मलसीसर में ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर हुआ है. 

परिजनों की जिद के आगे झुकी दुबई सरकार, गांव में होगी पन्नेसिंह की अंत्येष्टि
पन्नेसिंह के शव को ना भेजने को लेकर खबर की थी.

Jhunjhunu : राजस्थान के झुंझुनूं (Jhunjhunu News) के मलसीसर में ज़ी मीडिया की खबर का बड़ा असर हुआ है. गुसाई की ढाणी तन बास कालियासर के पन्नेसिंह (Pannesingh) का शव करीब 40 दिन बाद शुक्रवार को स्वदेश आएगा. पन्नेसिंह दुबई की एक कंपनी में काम करता था. 7 मार्च को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक (Heart Attack) से उसकी मौत हो गई थी, लेकिन कंपनी ने कोरोना (Coronavirus) से मौत बताकर शव को देश नहीं भेज रही थी. कंपनी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही थी. 

यह भी पढ़ें- VIDEO: हमलावरों ने तोड़े BJP नेता के हाथ-पैर, पूर्व विधायक ने की कार्रवाई की मांग

इस खबर को ज़ी मीडिया ने प्रमुखता के साथ प्रसारित किया. जिसके बाद सरकार हरकत में आई और अब आखिरकार शव आज स्वदेश पहुंच जाएगा. आपको बता दें कि परिजन व ग्रामीण लगातार 40 दिन से शौक बैठक कर रहे हैं. मृतक की बेटी मुकेश ने कहा था कि उसके पापा के शव को एक भी खरोंच नहीं आनी चाहिए. मृतक पन्नेसिंह के परिजनों ने मीडिया का आभार प्रकट किया कि उनकी बदौलत ही दुबई सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा. 

अपनी घर की स्थिति सुधारने के लिए विदेश गए गुसाई की ढाणी तन बास कलियासर के पन्नेसिंह (44) पुत्र भगवान गिर को क्या पता था कि उसे मौत के बाद देश की मिट्टी भी नसीब नही होगी. पन्नेसिंह हमेशा की तरह ही 7 मार्च को ड्यूटी पर गया था. ड्यूटी के दौरान ही सीने में दर्द उठा. जब तक उसे अस्पताल ले जाते उसकी मौत हो गई. ग्रामीण शीशराम ने बताया कि मौत के बाद सरकार और कंपनी को संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मेडिकल रिपोर्टों में वहां के अस्पताल या फिर कंपनी ने हेराफेरी की और जिस पन्नेसिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई. उसे कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा है, लेकिन परिजनों की जिद के आगे कंपनी की एक नहीं चली और आखिरकार 40 दिन बाद उसका शव भेजने की स्वीकृति प्रदान कर दी. 

होली पर वह घर आने वाला था. लेकिन इससे पहले ही मौत हो गई. वहां की सरकार कोरोना का हवाला देते हुए शव भारत नहीं भेज रही थी. पन्नेसिंह की मृत्यु 9 मार्च को हुई. पन्नेसिंह करीब दो-ढाई साल से दुबई की कंपनी अल बस्ती एंड मुक्था एलएलसी दुबई में काम करता था. उसने गांव के लोगों से कर्जा लेकर मकान पिछले दिनों ही बनाया था. जिसकी उसे टेंशन थी. उसका सपना था कि मकान बनने के बाद वह अपनी दो बेटियों और बेटे की शादी कर दें.

रिपोर्ट : संदीप केडिया

यह भी पढ़ें- Jhunjhunu News: बिना मास्क वालों का पीछा कर रही थी Police, पकड़ा तो वाहन चोर निकले