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डूंगरपुर नगर परिषद की पूरे राजस्थान में है अगल पहचान, जानिए इसकी रिपोर्ट कार्ड

स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में डूंगरपुर नगरपरिषद सिटिजन फीडबैक में देश में नम्बर वन रही और स्वच्छता के क्षेत्र में देश में सातवां स्थान प्राप्त किया. 

डूंगरपुर नगर परिषद की पूरे राजस्थान में है अगल पहचान, जानिए इसकी रिपोर्ट कार्ड
नगर परिषद ने शहर की 150 गरीब परिवारों की लड़कियों को गोद लिया है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: डूंगरपुर नगर परिषद के सभापति केके गुप्ता 2 सितंबर को चार साल का कार्यकाल पूरा कर रहे है. ये चार साल डूंगरपुर के लिए कई मायनों में बेमिसाल रहे. स्वच्छता अभियान हो या नवाचार, डूंगरपुर ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई. पीएम मोदी भी डूंगरपुर नगर परिषद की स्वच्छता की तारीफ कर चुके है.

जब चर्चा डूंगरपुर नगर परिषद के कामों की होती है तो इसकी फेहरिस्त काफी लंबी है. डूंगरपुर नगरपरिषद प्रदेश की पहली खुले में शौच मुक्त निकाय बनी. साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में डूंगरपुर नगरपरिषद सिटिजन फीडबैक में देश में नम्बर वन रही और स्वच्छता के क्षेत्र में देश में सातवां स्थान प्राप्त किया. जिस पर डूंगरपुर नगरपरिषद को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया गया.

वहीं नगर परिषद ने शहर की 150 गरीब परिवारों की लड़कियों को गोद लिया है और उनकी पढ़ाई का पूरा खर्चा भी उठा रही है. इसके अलावा बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए लक्ष्मण मैदान में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. यहां तक कि नगर परिषद परिसर में बेरोजगार युवाओं के लिए कोचिंग क्लास भी लग रही है.
 
खास बात ये भी है कि नगर परिषद में दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिव्यांग कौशल केंद्र बनाकर वहां दिव्यांगजनों उत्पाद बनाकर बेचने की व्यवस्था दी जा रही है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी नवाचार किया गया और नगरपरिषद ने शहर में एक महिलाओं के लिए 5 स्थानों पर सिलाई केंद्रों की स्थापना भी की और नगरपरिषद ने बच्चों के लिए बेबी गेम जोन की स्थापना की है जहां व्यायाम मशीनें भी लगाई गई.
 
यहां तक कि नगर परिषद ने पर्यावरण पर भी खास ध्यान देते हुए एक घर एक पेड़ का अभियान भी चलाया.  जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अभियान चलाया. अब तक शहर में 200 से ज्यादा घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा चुके है. शहर वासी इस उम्मीद में भी है कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर नगर परिषद शहर वासियों को कई सौगातें देने की तैयारी में है.

डूंगरपुर नगर परिषद के सभापति की ये काबीलियत ही है कि सीएम गहलोत ने उनको 7 नगर निगमों और 50 निकायों में स्वच्छता और जल संरक्षण के कामों की जिम्मेदारी दी है. राजस्थान के दूसरे शहरों के निकाय प्रमुखों को भी केके गुप्ता से सीख लेने की जरूरत है.