डूंगरपुर नगरपरिषद ने शुरू की बेसहारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

डूंगरपुर नगर परिषद ने 11 लाख रुपए के मटेरियल के साथ सेनेटरी पैड मशीन मंगवाई है. इसके जरिए एक मिनट में 7 सेनेटरी पैड मशीन तैयार किए जा सकते है.

डूंगरपुर नगरपरिषद ने शुरू की बेसहारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
शहर की 15 एकल महिलाओं को चयन करते हुए वहा प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: स्वच्छता व नए नए नवाचारो को लेकर सुर्खियों में रहने वाली डूंगरपुर नगरपरिषद ने अब शहर की एकल और विधवा महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने व स्वरोजगार के लिए एक पहल की है. डूंगरपुर नगरपरिषद ने पैडमैन बनते हुए शहर की एकल व विधवा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सेनेटरी पैड बनाने के कारखाने की स्थापना की है. जहा प्रशिक्षण लेने के साथ महिलाए सेनेटरी बनाकर आत्मनिर्भर बन रही है वही इस कारखाने में पैड निर्माण से लेकर उसकी बिक्री तक की जिम्मेदारी एकल महिलाओं की रहेगी.

दरअसल  वर्तमान परिपेक्ष्य में वे महिलाएं जो एकल, परित्यक्ता और विधवा हैं. जिन परिवार की पूर्ण रूप से जिम्मेदारी उन पर है उन्हें आत्मनिर्भर होना अतिआवयश्क है. उसी को ध्यान में रखते हुए डूंगरपुर नगरपरिषद ऐसी महिलाओ को आत्मनिर्भर और स्वालम्बी बनाने के लिए शहर की राजपुर घाटी में सेनेटरी पैड बनाने के कारखाने की स्थापना की है. जहां पर शहर की 15 एकल महिलाओं को चयन करते हुए वहा प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिसमे मुम्बई से आया हुआ एक दल द्वारा महिलाओं को सेनेटरी पैड बनाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई जा रही है फिर इसके बाद ये महिलाएं खुद सेनेटरी पैड का निर्माण करेंगी.

डूंगरपुर नगर परिषद ने 11 लाख रुपए के मटेरियल के साथ सेनेटरी पैड मशीन मंगवाई है. यह अत्याधुनिक मशीन है. इसके जरिए एक मिनट में 7 सेनेटरी पैड मशीन तैयार किए जा सकते है. वर्तमान में बाजार में एक पैड की कीमत सात से दस रुपए पड़ती है. नगर परिषद की ओर से यहीं पैड 3 रुपए में उपलब्ध कराएगी. योजना के तहत महिलाए इन पैड का निर्माण करके शहर व गांव में घर-घर जाकर मार्केटिंग करेंगे और और सेनेटरी पैड बेचेगी. इधर नगरपरिषद की ओर से एकल महिलाओं को स्वरोजगार के लिए इस पहल से एकल महिलाएं काफी खुश है. उनका कहना है की वे पहले घर पर फ़ालतू समय निकालती थी लेकिन नगरपरिषद द्वारा दिए गए इस रोजगार से वे आने वाले समय में स्वावलंबी बनेगी.

वाकई में एकल महिलाओं के लिए नगरपरिषद की ये पहल काबिले तारीफ़ है. नगरपरिषद की इस पहल से डूंगरपुर शहर की एकल महिलाए जहा सशक्त होगी वही आत्मनिर्भर भी बनेगी. ऐसे में आवश्यकता है की प्रदेश की दूसरी निकाय भी डूंगरपुर नगरपरिषद से प्रेरणा लेकर एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार के कदम उठाए.