डूंगरपुर नगर परिषद की बेरोजगारों के लिए अनूठी पहल, शुरू करेगा मुफ्त कोचिंग

डूंगरपुर नगरपरिषद ने शहर में प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी कर रहे युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया है. 

डूंगरपुर नगर परिषद की बेरोजगारों के लिए अनूठी पहल, शुरू करेगा मुफ्त कोचिंग
नगरपरिषद ने इसकी तैयारी पूर्ण कर ली है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: राजस्थान के डूंगरपुर नगरपरिषद ने अपनी स्वच्छता व नवाचारो को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रही है. इसी कड़ी में अब डूंगरपुर नगरपरिषद ने शहर के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी पहल की है. डूंगरपुर नगरपरिषद ने शहर में प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी कर रहे युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया है. नगरपरिषद ने इसकी तैयारी पूर्ण कर ली है. 20 जनवरी से नगरपरिषद परिसर में बेरोजगार युवाओं के लिए निशुल्क कोचिंग की शुरुआत होगी. 

बता दें कि, डूंगरपुर नगरपरिषद जिसको देश की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्वच्छता व सुंदरता का तमगा दे चुके है. वहीं, अपने नए-नए नवाचारो को लेकर भी सुर्खियों में रही है. इसी के तहत डूंगरपुर नगरपरिषद ने अब शहर के बेरोजगार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का बीड़ा उठाया है. जिसके तहत नगरपरिषद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं को निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की है. 

सभापति के के गुप्ता ने बताया की सरकार की ओर से हाल ही में पुलिस कांस्टेबल, पटवारी ओर टेट शिक्षक भर्ती की घोषणा की है. उसको देखते हुए नगरपरिषद ने इन तीनो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग चलाएगी. जिसकी शुरुआत 20 जनवरी से नगरपरिषद के हॉल में होगी. कोचिंग में बेस्ट फेकल्टी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाएगी. 

डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति के के गुप्ता ने बताया की प्रदेश के बड़े शहरो में तो बेस्ट कोचिंग सेंटर चल रहे है, जहां सक्षम लोग तो उन कोचिंग सेंटर को अफोर्ड करते हुए कोचिंग कर लेते है. लेकिन डूंगरपुर शहर में परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती की वे पैसे देकर कोचिंग का लाभ उठा सके. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए नगरपरिषद ने ऐसे युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया है. वहीं, उन्होंने बताया आगे की कड़ी में युवाओ को प्रशासनिक सेवाओं के सम्बन्ध में कोचिंग की व्यवस्था की जायेगी ओर इस कड़ी में ई लाइब्रेरी की शुरुआत भी की गई है. 

वाकई में डूंगरपुर नगरपरिषद अपने नवाचारो के माध्यम से शहर की जनता को तो राहत दे रही है. वहीं अपने नवाचारो के कारण ही डूंगरपुर शहर प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में अलग ही नजर आता है. खैर डूंगरपुर नगरपरिषद के इन नवाचारो के लिए ये तो यही कहना होगा की 'कौन कहता है की आसमा में सुराग हो नहीं सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो'.