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डूंगरपुर: बिमारी से जूझ रहे कांस्टेबल की मदद से लिए पुलिस महकमे ने बढ़ाया हाथ

डूंगरपुर जिले में बिमारी से जूझ रहे पुलिस महकमे में तैनात कांस्टेबल राजेश पाटीदार की मदद से लिए पुलिस महकमा आगे आया है.

डूंगरपुर: बिमारी से जूझ रहे कांस्टेबल की मदद से लिए पुलिस महकमे ने बढ़ाया हाथ
राजस्थान पुलिस ने 3 लाख 88 हजार की सहायता राशि दी.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: उदयपुर के डूंगरपुर जिले में समाज में सख्त और अपराधियों पर डंडे बरसाने वाली छवि से उलट पुलिस महकमे का अपने सहकर्मियों के साथ पारिवारिक चेहरा सामने आया है. डूंगरपुर जिले में बिमारी से जूझ रहे पुलिस महकमे में तैनात कांस्टेबल राजेश पाटीदार की मदद से लिए पुलिस महकमा आगे आया है. पिछले 8 महिने से लकवे के चलते जिंदगी और मौत के बीच की कशमकश में उलझे राजेश की मदद के लिए जिलेभर के पुलिसकर्मियों ने पहल करते हुए अपनी साथी के ईलाज के लिए 3 लाख 88 हजार की सहायता राशि का चेक आज उनके परिजनों को सौपते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.

दरअसल डूंगरपुर जिले के मोवाइ गांव निवासी लालजी चाय का ठेला लगाते है और उनकी पत्नी मीठी देवी खेती करती है. किसी तरह गुजर बसर करते हुए उन्होंने बेटे राजेश पाटीदार को पढ़ा लिखाकर पुलिस कांस्टेबल बनाया. साल 2015 में डूंगरपुर पुलिस में भर्ती हुए राजेश की नौकरी लगने से परिवार पटरी पर आने लगा और गायत्री देवी से शादी कराई. 9 माह पहले आंतरी पुलिस चौकी में पोस्टिंग के दौरान उन्हें लकवा मार गया और परिवार फिर से बेपटरी हो गया. जवान बेटे को मरणासन्न हालत में देख उनके पिता ने रिश्तेदारों और परिचितों से अब तक 12 लाख रुपए उधार लेकर इलाज पर खर्च कर दिए है. कमर के नीचे के भाग की तीन सर्जरी सफल रही है और पैर हिलने डूलने लगे है. 

राजेश के कमर से उपर का पूरा भाग अब भी हिलडूल नहीं सकता है. इसके लिए 4 लाख रुपए की एक सर्जरी और होनी है और उसके 4 महिने में वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा. डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक जय यादव ने राजेश की स्थिति को समझा और अपनी टीम से सहयोग की बात कही तो देखते ही देखते 3 लाख 88 हजार 500 रुपए जमा हो गए. राजेश के माता पिता को एसपी जय यादव ने इसका चेक सौंपा और आगे भी मदद की बात कही है.

डूंगरपुर पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने मिलकर यह रकम जुटाई जो अपने आप में मानवीयता का नायाब उदाहरण तो है ही मदद में पिछे रहे अन्य सहकर्मियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी है. डूंगरपुर पुलिस को अब इंतजार है अपने नौजवान साथी राजेश के पूरी तरह ठीक होने का कि कब वह उनके साथ कदमताल करता दिखेगा.