डूंगरपुर: मानव तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने कसी कमर, बनाई नई योजना

प्रदेश के पुलिस के मुखिया मुखिया डीजीपी भूपेंद्र यादव नए साल की शुरुआत में 18 आईपीएस को प्रदेश में संगठित अपराधो को रोकने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी थी. 

डूंगरपुर: मानव तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने कसी कमर, बनाई नई योजना
मानव तस्करी को रोकने के लिए राजस्थान पुलिस जल्द ही एक कार्य योजना लेकर आएगी.

डूंगरपुर: राजस्थान में मानव तस्करी के मकड़ जाल को तोड़ने के लिए राजस्थान पुलिस जल्द ही एक कार्य योजना लेकर आएगी. प्रदेश के पुलिस के मुखिया डीजीपी की ओर से डूंगरपुर एसपी जय यादव को मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए दी गई. जिम्मेदारी के बाद एसपी जय यादव ने मानव तस्करी को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर पुलिस मुख्यालय को भेज दी है. एसपी जय यादव ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदु शामिल किए हैं, जिसके जरिए प्रदेश में मानव तस्करी को रोकने में सफलता हाथ लगेगी.

जाहिर है, प्रदेश के पुलिस के मुखिया मुखिया डीजीपी भूपेंद्र यादव नए साल की शुरुआत में 18 आई पीएस को प्रदेश में संगठित अपराधो को रोकने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी दी थी. इसके तहत डूंगरपुर जिले के एसपी जय यादव को प्रदेश में मानव तस्करी पर रोकथाम के लिए एक कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी. डीजीपी द्वारा दिए गए निर्देश पर डूंगरपुर एसपी जय यादव ने अपनी कार्ययोजना तैयार करके पुलिस मुख्यालय को भिजवा दी है. 

वहीं, एसपी जय यादव ने बताया की  प्रदेश में मानव तस्करी जिसमें खासकर बाल तस्करी सबसे बड़ा संगठित अपराध है, जिसमें कई लोग मिलकर अपराध में लिप्त होते है. जिसमें बच्चों से बालश्रम, यौन शोषण, अंग बेचने के काम भी गैंग करती है. इन्हीं अपराधों को फोकस में रखकर इन पर कैसे कार्रवाई की जाए इसकी बिंदुवार रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई है.

एसपी जय यादव ने बताया कि मानव तस्करी को रोकने के लिए उनकी पूरी गैंग को तोड़ना जरूरी है. प्रदेश में हर जगह तस्करी के अलग-अलग क्षेत्र है. डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर जिलों में बालश्रम की ज्यादा शिकायत है, तो यहां पर किस तरह से गुजरात व अन्य राज्य के बॉर्डर पर नाकाबंदी की जाए. इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है. उन्होंने बताया की कार्ययोजना में मानव तस्करी को रोकने के लिए कई बिन्दुओ को शामिल किया गया है. जिसमें पडोसी राज्यो के साथ जॉइंट ऑपरेशन चलाना, मानव तस्करी में लिप्त गैंग के साथ ही आरोपियों की पहचान करते हुए उनकी डिटेल रिपोर्ट तैयार करना, प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक टास्क फ़ोर्स बनाने के साथ कई बिंदु शामिल है. इसके अलावा ट्राइबल एरिया के लोगों की बाल तस्करी के खिलाफ जागरूक करने, सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के साथ ही सभी विभागों को आपसी तालमेल से कार्य करने पर भी जोर दिया गया है.

बहरहाल, डूंगरपुर जिले में तो एसपी जय यादव की ओर से मानव तस्करी और बालश्रम को रोकने को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी के तहत पिछले दिनों कई बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें कई बच्चों को मजदूरी करते हुए और ले जाते हुए मुक्त करवाया गया है. हालांकि, मानव तस्करी को रोकने डूंगरपुर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. जिसमें पुलिस को सफलता भी मिली है और इसी पर डूंगरपुर एसपी ने अपनी कार्ययोजना भी पुलिस मुख्यालय को भेज दी है. तो अब देखना होगा कि डूंगरपुर एसपी द्वारा मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए भेजी गई कार्ययोजना प्रदेश में कब तक लागू हो पाती है.