यहां से महज 5 किमी दूर 10 रुपये सस्ता मिलता है Petrol, लगती हैं लंबी-लंबी लाइनें

राजस्थान राज्य की सीमाएं गुजरात से लगती हैं. गुजरात में राज्य सरकार का वैट कम होने से यहां पेट्रोल के दाम राजस्थान के मुकाबले करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम करीब 3.50 रुपये प्रति लीटर कम हैं.

यहां से महज 5 किमी दूर 10 रुपये सस्ता मिलता है Petrol, लगती हैं लंबी-लंबी लाइनें
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Dunagrpur: देश में पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी में आम व्यक्ति की तो कमर तोड़ दी है, वहीं, राजस्थान (Rajasthan) में गुजरात (Gujarat) की तुलना में वैट अधिक होने से गुजरात सीमा से लगे डूंगरपुर जिले के सीमावर्ती पेट्रोल पम्प संचालकों के बुरे हाल हैं.

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गुजरात में पेट्रोल के दाम राजस्थान के मुकाबले करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम करीब 3 से 4 रुपये प्रति लीटर कम हैं. ऐसे में कभी दिन-रात आबाद रहने वाले ये डूंगरपुर जिले के सीमावर्ती पेट्रोल पम्प अब वीरान पड़े रहते हैं. इक्का-दुक्का गाड़ियां ही यहां पेट्रोल-डीजल भरवाने रुकती हैं, ऐसे में हाइवे के पेट्रोल पम्प अब बंद होने के कगार पर है.

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दरअसल, राजस्थान राज्य की सीमाएं गुजरात से लगती हैं और गुजरात में राज्य सरकार का वैट कम होने से यहां पेट्रोल के दाम राजस्थान के मुकाबले करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम करीब 3.50 रुपये प्रति लीटर कम हैं. ऐसे में गुजरात की सीमा से लगते डूंगरपुर जिले में रतनपुर, बिछीवाड़ा, सरथुना, पीठ सहित कई गांव और कस्बों के लोग गुजरात की सीमा में जाकर पेट्रोल-डीजल भरवा लेते हैं, जिससे डूंगरपुर जिले में सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोल पम्प अक्सर सूने ही पड़े रहते हैं. रतनपुर और बिछीवाड़ा में नेशनल हाइवे पर स्थित पेट्रोल पंप के हालात ज्यादा खराब हैं. कभी दिन-रात आबाद रहने वाले ये पम्प अब वीरान पड़े रहते हैं. 

गुजरात के पम्प संचालक भी खूब कमा रहे मुनाफा 
इधर सीमा के उस पार गुजरात में पेट्रोल पंप संचालकों की सेल कई गुना बढ़ गई है. राजस्थान की सीमा से सटे गुजरात के पेट्रोल पंपों पर दिन-रात कतारें लगी रहती हैं. राजस्थान में प्रवेश करने से पहले ज्यादातर वाहन चालक अपने वाहनों के टैंक फुल करा लेते हैं. इससे वाहन चालकों को फायदा मिलता है, वहीं, गुजरात के पम्प संचालक भी खूब मुनाफा कमा रहे हैं.

पम्प संचालकों ने की वैट कम करने की मांग
डूंगरपुर के जैसे ही सिरोही, बांसवाड़ा, उदयपुर, जालोर और बाड़मेर जिले में भी गुजरात की सीमा से लगते इलाकों पर ऐसी ही स्थिति है. दोनों राज्यों के वैट में अंतर के चलते सीमावर्ती गांव-कस्बों के लोग फायदा उठा रहे हैं, वहीं, दूसरी ओर सेल कम होने से पम्प संचालक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. पम्प संचालकों ने राज्य सरकार से पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की मांग की है ताकि दाम कम होने से ये पम्प एक बार फिर आबाद हो सके.

Reporter- AKHILESH SHARMA