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Dungarpur News: जिले के वन विभाग में अधिकारियों की मिलीभगत के चलते टेंडर से पहले ही निर्माण का खेल चल रहा है और ये सबकुछ मनमर्जी से किया जा रहा है. डूंगरपुर रेंज के वागदरी वन क्षेत्र के परकोटा निर्माण हो या मेवाड़ा वन चौकी का निर्माण ओर एनिकट का काम. ये काम सरकारी निविदाएं खुलने से पहले ही शुरू कर दिए. टेंडर खुले तो उससे पहले ही 30 से 50 पर्सेंट तक काम भी पूरा हो गया. वही वन विभाग के अधिकारी काम की गुणवत्ता तो गिना रहे है लेकिन टेंडर खुलने से पहले काम शुरू होने के संबंध में पल्ला झाड़ रहे हैं.
डूंगरपुर जिले में वन विभाग की ओर से अभी वन रेंज डूंगरपुर में वागदरी वन नाका के परकोटा (दीवार) का काम चल रहा है. उदयपुर मैन रोड की तरफ वाग़दरी में दीवार का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है. 14 अगस्त को छुट्टी के दिन वन विभाग ने वागदरी दीवार निर्माण समेत 8 कार्यों के निर्माण की निविदा पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट की गई. जबकि इससे पहले ही वागदरी के परकोटा निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया था.
6 फीट ऊंचा परकोटा बनाया जा रहा
4 दिन बाद ही 18 अगस्त को विभाग ने टेंडर खोले लेकिन पक्का परकोटा निर्माण का काम पहले से चल रहा था. निर्माण कार्य में सरकार के निविदा कार्यों की पूरी अनदेखी की गई और विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से पहले से काम शुरू करवा दिया. वही टेंडर भी काम करने वाली फर्म के नाम ही खोले गए. वही निर्माण कार्य में घटिया निर्माण को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे है. पक्का परकोटा को लेकर केवल 1 फीट की नींव पर ही 6 फीट ऊंचा परकोटा बनाया जा रहा है. वही चौड़ाई करीब डेढ फीट रखी है..नींव कमजोर होने से ये दीवार कभी भी गिरने का अंदेशा भी बना हुआ है.
8.53 लाख का बजट, ठेका खुलने से पहले ही नींव भर दी
मेवाड़ा वन चौकी निर्माण को लेकर भी ऑनलाइन टेंडर छुट्टी के 14 अगस्त को भी अपलोड किए गए. लेकिन इसका निर्माण कार्य पहले ही शुरू कर दिया था. ठेका होने से पहले चौकी के पक्की नींव 3 से 4 फीट तक बाहर आ गई थी. ऐसे में ठेके से पहले वन विभाग के अधिकारियों की ओर से निर्माण कार्य शुरू करवाने को लेकर कोई जवाब नहीं है. इसी तरह मेवाड़ा में ही एनिकट निर्माण का कार्य भी टेंडर खुलने से पहले ही शुरू कर दिए गए.
उदयपुर में पोस्टिंग, डूंगरपुर में वनपाल की ड्यूटी और वही करवा रहा काम
वन विभाग में नियम विरुद्ध करवाए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर वनपाल राकेश नायक का नाम सामने आ रहा है. राकेश नायक की पोस्टिंग उदयपुर वन विभाग में है. लेकिन पिछले कुछ महीने से वह डूंगरपुर ड्यूटी दे रहा है. वनपाल राकेश ठेकेदारी का काम भी करता है. ऐसे में ये निर्माण कार्य भी उसी की ओर से करवाने की बात भी विभागीय कर्मचारियों से सामने आ रही है.
वन विभाग के अधिकारी झाड़ रहे पल्ला
इधर वन विभाग में टेंडर खुलने से पहले शुरू हो रहे काम के खेल पर जब वन विभाग के अधिकारियों से सवाल किया गया तो एसीएफ गौतमलाल मीणा कैमरे के सामने सिर्फ पल्ला झाड़ते हुए नजर आए और कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता की बाते गिनाते नजर आए . लेकिन वन विभाग में न तो कार्यों में पारदर्शिता बरती जा रही है और न ही गुणवत्ता रखी जा रही है.
बहरहाल डूंगरपुर वन विभाग में अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर खुलने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए. वागदरी वन क्षेत्र में 40 लाख की लागत से परकोटा निर्माण और मेवाड़ा में 8.53 लाख की लागत से वन चौकी निर्माण के कार्य शामिल हैं. वही विभागीय अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू करवा दिया और 30 से 50 प्रतिशत काम पूरा भी हो गया. वन विभाग के अधिकारी काम की गुणवत्ता की बात कर रहे हैं लेकिन टेंडर से पहले काम शुरू करने पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं. वनपाल राकेश नायक पर भी नियम विरुद्ध काम करवाने के आरोप लग रहे हैं. अब देखना यह होगा कि विभाग के उच्चाधिकारी और सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं.
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