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Dungarpur news: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में, डूंगरपुर जिले की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने उदयपुर जिले के खेरवाड़ा में बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी ने खेरवाड़ा वन रेंज के वन नाका कातरवास के दो वनरक्षकों को 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह रिश्वत लकड़ी से भरे एक ट्रक को बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़ने की एवज में मांगी गई थी.
बिल होने के बावजूद मांगी रिश्वत
डूंगरपुर एसीबी चौकी प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एसीबी को एक परिवादी से शिकायत मिली थी. परिवादी और उसका पार्टनर लकड़ी का व्यापार करते हैं. शिकायत में बताया गया कि उन्होंने 29 और 30 नवंबर को लकड़ियों से भरे दो ट्रक खेरवाड़ा के लिए भेजे थे. इन दोनों ट्रकों में भरी लकड़ियों के बिल (दस्तावेज) भी मौजूद थे.
इसके बावजूद, वन नाका कातरवास के वन रक्षक महेश कुमार मीना और विजेश अहारी ने गाड़ियों को रोक लिया. उन्होंने बिना कोई कानूनी कार्यवाही किए ट्रकों को छोड़ने की एवज में 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की.
ट्रेप का जाल और रंगे हाथ गिरफ्तारी
परिवादी की शिकायत पर एसीबी की टीम ने तुरंत रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया. सत्यापन सही पाए जाने के बाद, एसीबी डूंगरपुर की टीम ने ट्रेप का जाल बिछाया.
सोमवार को एसीबी की टीम ने आरोपी वनरक्षक महेश कुमार मीना और विजेश अहारी को 80,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में, गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है. यह कार्रवाई वन विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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