वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का दिखने लगा असर, चुंडावाड़ा डिप्टी तालाब की बढ़ी भराव क्षमता

Rajasthan News: डूंगरपुर जिले में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को लेकर जल संरक्षण की दिशा में काम चल रहे है. मानसून की बारिश की शुरुआत के साथ इसका असर भी देखने को मिल रहा है.

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का दिखने लगा असर, चुंडावाड़ा डिप्टी तालाब की बढ़ी भराव क्षमता
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Rajasthan News: डूंगरपुर जिले में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को लेकर जल संरक्षण की दिशा में काम चल रहे है. मानसून की बारिश की शुरुआत के साथ इसका असर भी देखने को मिल रहा है. बिछीवाड़ा क्षेत्र में पहली बारिश के बाद ही कई जलाशय लबालब हो गए है. वहीं अभियान के तहत हुए कार्यों से कई तलाब, एनिकट में जल भराव की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है. वहीं अभियान के चलते आने वाले समय में भूमिगत जल स्तर में बढ़ोतरी के साथ ही पानी की समस्या दूर होगी.

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिलेभर में तालाब, एनिकट ओर जलस्रोत के गहरीकरण ओर सुदृढ़ीकरण के काम चल रहे है. अभियान के तहत जलस्रोत में पानी की भराव क्षमता और जलस्तर को बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है. वहीं डूंगरपुर में मानसून की पहली बारिश के साथ ही इसका असर भी देखने को मिल रहा है. खासकर बिछीवाड़ा क्षेत्र में कई जल स्त्रोत पानी से लबालब हो गए है.

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मोदर पंचायत के मांडवीया एनिकट ओर पाटवाला एनिकट छलक गए है. दोनों ही एनिकट पर 5 से 6 इंच की चादर चल रही है. मोदर सरपंच महेश निनामा ने बताया कि पाटवाला एनिकट की डिसिल्टिंग का काम करवाया गया है, जिससे कई टन मलबा निकाला गया है. मेसवो नदी पर बने ये दोनों एनिकट लबालब होने के बाद खूबसूरत नजर आ रहे है. इधर अभियान के तहत हुए कार्य से जहां इन जलाशयों की भराव क्षमता बढ़ी है.

वहीं आने वाले समय अधिक समय तक पानी के रहने से आमजन को इसका लाभ भी मिलेगा. इधर चुंडावाड़ा डिप्टी तालाब को गहरा करने के लिए जनभागीदारी से कम करवाया जा रहा है. सरपंच कांता मीणा ने बताया कि डिसिल्टिंग के जरिए तालाब से कई ट्रैक्टर मिट्टी को निकाला गया है. बारिश के बाद तालाब में पानी की आवक हुई है. तालाब की भराव क्षमता बढ़ी है। वही आसपास के पूरे क्षेत्र में जल स्तर में भी इजाफा होगा.

बीडीओ महेशचंद्र अहारी ने बताया कि बिछीवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत पहले 10 जल स्त्रोत को गहरा करने के काम हाथ में लिए थे. जन भागीदारी और पंचायतों के माध्यम में उनके काम पूरे करवा लिए. इसके बाद 10 नए जल स्तोत्र के डिसिल्टिंग का काम शुरू किया है. इसके अलावा हर पंचायत में प्रमुख जल स्त्रोत को अभियान के तहत जन भागीदारी से डिसिल्टिंग के काम करवाए गए है.

वहीं उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत में 2 हजार गड्ढे पौधारोपण के लिए खुदवाए, जहां पर पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा. एईएन बालकृष्ण कोटेड ने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में लोगो की रुचि बढ़ी है. लोग अभियान से जुड़कर जल संरक्षण के लिए काम कर रहे है. इससे जल भराव क्षमता बढ़ेगी। वही भूमिगत जल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी. इससे आने वाले समय में पानी की समस्या दूर होगी.

डूंगरपुर जिले में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत 10123 विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया है, जिसमें जलाशयों का गहराईकरण, जल आवक मार्ग की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई और श्रमदान गतिविधियों के कार्य करवाए गए हैं. इधर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत हुए कार्यों से जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. इस अभियान के तहत लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जिससे भविष्य में जल संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ पानी की समस्या का समाधान होगा और आमजन को इसका लाभ मिलेगा.

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