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राजस्थान: चुनाव प्रक्रिया में सुधार पर EC करा रहा सर्वेक्षण, पूछे जाएंगे 50 प्रश्न

चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नॉलेज एटीट्यूड्स एंड प्रैक्टिसेज एंड लाइन सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान: चुनाव प्रक्रिया में सुधार पर EC करा रहा सर्वेक्षण, पूछे जाएंगे 50 प्रश्न
सर्वे के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति होगी. (फाइल फोटो)

जयपुर: चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नॉलेज एटीट्यूड्स एंड प्रैक्टिसेज एंड लाइन सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. माना जा रहा है कि इस सर्वे के बाद मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न मदों में होने वाले खर्च में कटौती की जा सकती है.

15 अक्टूबर तक करना है केएपी एंड लाइन सर्वे
देशभर में चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग हमेशा उठती रही है. हाल ही संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने सुधार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ दिल्ली में बैठक बुलाई थी. चुनावी खर्चे में कटौती के लिए कॉन्फ्रेंस में मिले सुझावों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने एंड लाइन सर्वे कराने का निर्णय लिया है. जिसको लेकर आयोग ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर 15 अक्टूबर तक सर्वे रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं. 

आयोग की ओर से भेजी गई 50 प्रश्नों की सूची
सर्वे में कम मतदान रहने वाले क्षेत्रों में विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में भरतपुर, बीकानेर संसदीय सीट पर मतदान प्रतिशत सबसे कम रहा था. अब सर्वे में मतदाताओं से कम मतदान प्रतिशत रहने का कारण पूछा जाएगा. पूरे प्रदेश में होने वाले सर्वे के लिए चुनाव आयोग ने 50 प्रश्नों की सूची भी भेजी है. आयोग की ओर से भेजे गए प्रश्नों के जवाब के लिए मतदाताओं से घर-घर तक सर्वे किया जाएगा. इसमें बीएलओ, सामाजिक संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाएंगी. 

सर्वे के बाद बजट में हो सकती कटौती
सर्वे के लिए आयोग से भेजे गए प्रश्नों में माना जा रहा है कि आम मतदाताओं से आसान सवाल पूछे जाएंगे. जिसका वो आसानी से जवाब दे सके. इसमें मतदान प्रतिशत कम रहने का कारण, वोट नहीं देने का कारण, मतदान का पता कैसे चला, बीएलओ ने जानकारी दी या टीवी चैनलों के माध्यम से, प्रचार प्रसार में टीवी महत्वपूर्ण है या अखबार, मतदान केंद्रों पर छाया पानी की सुविधा थी या नहीं. लंबी लाइनों की वजह से मतदान किया या नहीं, वोट देने में परेशानी हुई या नहीं, वोट देने के लिए किस डॉक्यूमेंट का उपयोग किया. इस तरह के सवाल आम मतदाताओं से पूछे जाएंगे. माना जा रहा है कि सर्वे के बाद मतदाताओं को जागरूक करने में उपयोगी संसाधनों पर ही आयोग ज्यादा बजट खर्च कर सकता है. 

सर्वे के लिए नोडल अधिकारी की होगी नियुक्ति
आयोग से मिले निर्देशों के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है. जल्द ही अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी. इसके साथ ही सर्वे के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा. सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्वाचन विभाग राजस्थान यूनिवर्सिटी के सांख्यिकी विभाग की मदद ले सकता है.