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राजस्थान: EC ने जारी की 15वीं विधान सभा के गठन की अधिसूचना, राज्य में आचार संहिता समाप्त

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने गुरुवार को बताया कि अधिसूचना का प्रकाशन 12 दिसम्बर, 2018 के राजस्थान राज-पत्र के विशेषांक में कर दिया गया है.

राजस्थान: EC ने जारी की 15वीं विधान सभा के गठन की अधिसूचना, राज्य में आचार संहिता समाप्त
राजस्थान में चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद आचार संहिता समाप्त हो गई है.

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में पन्द्रहवीं विधान सभा के गठन के लिए करवाए गए साधारण निर्वाचन के निर्वाचित सदस्यों की अधिसूचना जारी कर दी है. राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने मंगलवार को बताया कि अधिसूचना का प्रकाशन 12 दिसम्बर, 2018 के राजस्थान राज-पत्र के विशेषांक में कर दिया गया है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने गुरुवार को बताया कि राजस्थान विधानसभा की निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात गुरूवार से राजस्थान में आचार संहिता समाप्त हो गई है. 

EC के अधिकारियों ने की राज्यपाल से मुलाकात 

इसके अलावा मतगणना का कार्य समाप्त होने के बाद राज्य निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने गुरूवार दोपहर में राज्यपाल कल्याण सिंह से मुलाकात भी की. इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को चुनाव परिणाम की सूची भी दी. 

इस दौरान राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी व उनके सभी सहयोगियों को राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. इस मुलाकात के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के सचिव राहुल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रेखा गुप्ता व डॉ. जोगा राम और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री विनोद पारीक भी मौजूद थे.

आपको बता दें कि, राजस्थान में 6 अक्टुबर को आचार संहिता लागू हुई थी. राज्य में 199 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान 7 दिसंबर को हुआ था, वहीं 11 दिसंबर को देर रात मतगणना का कार्य खत्म हुआ था.

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि राज्य में मतगणना के लिेए 35 मतदान केंद्र बनाए गए थे. जिसमे जयपुर और जोधपुर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 31 जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती की जा रही थी.

इस बार के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने विशेष इंतजाम किए थें. वहीं मतगणना में पूर्ण निष्पक्षता बनी रहे इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने ‘मैंडेटरी वैरीफिकेशन‘ पद्धति को भी लागू किया था. जिस दौरान मतगणना पूरा होने के बाद प्रत्येक विधानसभा के मतदान केंद्रों से रैंडमली एक-एक वीवीपैट का चयन कर उसकी पर्चियों की गणना कर, ईवीएम से प्राप्त मतों से मिलान किया गया था.

इस दौरान रिटर्निंग आफिसर-पर्यवेक्षकों की निगरानी और उम्मीदवार या उनके एजेंटों के समक्ष अलग कक्ष में वीवीपैट मशीन से निकली पर्चियों की मतगणना और मिलान हुआ. कुमार ने बताया कि इससे पहले गुजरात और हिमाचल के चुनावों में भी यह प्रयोग आजमाया जा चुका था.