Video: आखिर क्यों राजस्थानी बोलते हैं 'खम्मा घणी', मतलब जानकर खुशी से झूम उठेगा दिल

Rajasthani Viral Video: राजस्थान के लोग मानते हैं कि मेहमान भगवान का रूप होते हैं और उनका स्वागत खुले दिल से होना चाहिए. यही कारण है कि किसी अजनबी से लेकर अपने सबसे करीबी तक, हर किसी का अभिनंदन 'खम्मा घणी' से होता है. यह सुनत ही लोगों का दिल बाग-बाग हो जाता है.

Video: आखिर क्यों राजस्थानी बोलते हैं 'खम्मा घणी', मतलब जानकर खुशी से झूम उठेगा दिल
Image Credit: Rajasthani Viral Video

Viral Video: जब भी कभी आप राजस्थान की धरती पर पहुंचते हैं तो सबसे पहले वहां पर आपको पारंपरिक स्टाइल में लोग एक प्यारा सा शब्द बोलते नजर आते हैं, वह है 'खम्मा घणी'. यह शब्द न केवल बोलने में बेहद प्यारा लगता है बल्कि इसका अर्थ भी उतना ही गहरा और खूबसूरत है, जितना यहां का इतिहास. यह शब्द जो कोई भी सुनता है, वह बस राजस्थान का ही होकर रह जाता है.

राजस्थान की धरती जितनी अनोखी और विशाल है, उतनी ही अनोखी है यहां की बोलचाल और संस्कृति. जब भी कोई सैलानी राजस्थान की गलियों में कदम रखता है, तो सबसे पहले उसके कानों में गूंजता है- 'खम्मा घणी' यह केवल एक अभिवादन नहीं, बल्कि राजस्थानियों की आत्मा है, जिसमें सम्मान, आदर और आत्मीयता की गहरी झलक मिलती है.

Add Zee News as a Preferred Source

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे Rang Rajasthani नाम के X हैंडल से शेयर किया गया है. यह वीडियो रामबाग पैलेस का बताया जा रहा है. वीडियो में आप देखेंगे कि शुरू से लेकर आखिरी तक रामबाग पैलेस का सारा स्टाफ एक ही बात कहता नजर आता है कि 'खम्मा घणी'. उनका अंदाज इतना प्यारा होता है कि आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी.

बता दें कि खम्मा का मतलब होता है क्षमा या नम्र निवेदन, और घणी का मतलब है बहुत सारा. जब कोई कहता है 'खम्मा घणी', तो उसका सीधा भाव होता है- 'आपको ढेर सारा नमस्कार, आदर सहित प्रणाम.' दरअस पुराने समय में जब वीर राजपूत आपस में मिलते तो तलवारबाजों और योद्धाओं की उस शानो-शौकत में भी यह वाक्य विनम्रता और सम्मान का प्रतीक बन गया.

आज भी अगर आप जैसलमेर की सुनहरी हवेलियों, उदयपुर की झीलों या जयपुर की रंगीन गलियों में घूम रहे हों तो मुस्कुराते हुए कोई स्थानीय शख्स आपको 'खम्मा घणी' कह दे, तो समझ लीजिए कि आपने राजस्थान की असली मेहमाननवाजी का स्वाद चख लिया है. यह परंपरा, समय बदलने के बावजूद, राजस्थानी दिलों की गर्मजोशी और अपनत्व को जिंदा रखे हुए है.

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Sandhya Yadav

Sandhya Yadav

संध्या यादव ज़ी राजस्थान न्यूज में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. वह राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हैं. इन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. करियर की शुरूआत इन्होंने डिजिटल मीडिया से की थी. 8 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. इससे पहले Newstrack और ETV Bharat में भी सेवाएं दे चुकी हैं. हेडलाइन, एडिटिंग और कंटेंट पैकेजिंग इनकी खासियत है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट पॉलिटिकल क्राइसिस और राजस्थान कोरोना क्राइसिस समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.