उद्यमी चिंता न करें, गहलोत सरकार पूरी तरह से उनके साथ: उद्योग मंत्री

परसादी लाल मीणा ने कहा कि, एमएसएमई में कर्ज मिला, लेकिन सीधी रियायत नहीं. उन्होंने मांग किया कि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए बड़ी राशि जारी होनी चाहिए.

उद्यमी चिंता न करें, गहलोत सरकार पूरी तरह से उनके साथ: उद्योग मंत्री
उद्योग मंत्री ने कहा कि, राजस्थान फाउंडेशन के जरिए विदेशी निवेशकों से बात की गई है.

जयपुर: कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन (Lockdown) लागू किया है. इस लॉकडाउन के शुरुआती चरण में केंद्र ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी चीजों पर प्रतिबंध लगा रखा था, जिसमें उद्योग-कारखाने भी शामिल थे. उद्योग बंद होने से जहां अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ी तो वहीं, बड़ी संख्या में श्रमिकों का रोजगार भी छिन गया.
 
हालांकि, समय के साथ लॉकडाउन में कुछ छूट भी मिली है. जिसके बाद, उद्योग और कारखानों में फिर से काम शुरू हुआ है. ऐसे में क्या है उद्योग विभाग की योजना और किस रणनीति पर आने वाले समय पर काम करेगा विभाग, इस पर, जी राजस्थान (Zee Rajasthan) के ई-विमर्श (E-Vimarsh) कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने विस्तार से बात की.

उद्योग मंत्री ने कहा कि, राजस्थान फाउंडेशन के जरिए विदेशी निवेशकों से बात की गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सभी से बात कर निवेश सम्भावनाओं पर विस्तार से चर्चा की है. उन्होंने कहा कि, राजस्थान में कानून-व्यवस्था बेहतर हैं और राज्य में श्रमिक कानूनों में भी मजदूरों का हित देख कर काम होगा. साथ ही, सरकार इस पर पूरा ध्यान दे रही है कि, किसी का भी हित प्रभावित नहीं हो.

निवेशकों को राज्य में देंगे सस्ती जमीन
परसादी लाल मीणा ने कहा कि, हमारे फैसला किया है कि, निवेशकों को यूपी और गुजरात से सस्ती जमीन राजस्थान में देंगे. हमने 15 नए औद्योगिक क्षेत्र बजट प्रस्ताव में घोषित किए थे. उन्होंने कहा कि, हाल के दिनों में 20 फीसदी जमीन की कीमतों में कमी की गई. साथ ही, टैक्सटाइल यूनिटों को भी मदद की पूरी तैयारी की जा रही हैं.

2 महीने में स्थिति ठीक हो जाएगी
इसमें भीलवाड़ा, पाली, बालोतरा पर खास निगाहें. उन्होंने कहा कि, अगले 2 महीने में स्थिति ठीक हो जाएगी और नई औद्योगिक नीति, रिप्स के प्रावधान जारी किए गए हैं. मंत्री ने कहा कि, 2 बार मुख्यमंत्री ने संभागवार बातचीत की हैं. इसमें सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि, सभी की मांग और सुझावों के आधार पर काम होगा.

आर्थिक बहाली को लेकर सरकार गंभीर
उन्होंने कहा कि पहले ही सिक केटेगिरी की यूनिटों को शुल्क में राहत प्रदान की गई है. बिजली कीमतों सहित अन्य राहतों पर विचार किया जा रहा है. परसानी लाल मीणा ने कहा कि, लॉकडाउन एक और दो में सभी उद्योग बंद थे, लेकिन अब शुरू किए गए हैं. इसमें टैक्सटाइल और सीमेंट के बड़े उद्योग शुरू हो चुके हैं. साथ ही, प्रदेश की आर्थिक बहाली के प्रयास गम्भीरता से जारी हैं.

नया औद्योगिक क्षेत्र सवाईमाधोपुर में आ रहा
मंत्री ने कहा कि, प्रदेश के सभी इलाकों में औद्योगिक विकास के प्रयास होंगे, सवाईमाधोपुर क्षेत्र में भी उद्योग सम्भावनाओं पर काम चल रहा है. वहीं, नया औद्योगिक क्षेत्र सवाईमाधोपुर में आ रहा हैं, 15 औद्योगिक क्षेत्रों से पिछड़े इलाकों में भी विकास होगा.

उद्यमियों की परेशानियों को सरकार दूर करेगी
उन्होंने कहा कि, राजस्थान सबसे पहले एमएसएमई (MSME) एक्ट लाने वाला राज्य हैं. भारत सरकार ने भी इसको मान्यता दी हैं. अब 100 करोड़ की इकाइयां भी एमएसएमई के दायरे में हैं. इस क्षेत्र की इकाइयों को बड़ा लाभ मिलेगा. साथ ही, उद्यमियों की परेशानियों को राजस्थान सरकार दूर करेगी.

केंद्र के पैकेज पर उठाए सवाल
मीणा ने आगे कहा कि, सीएम अशोक गहलोत के निर्देश पर एक हाई पावर कमेटी गठित की गई है. वहीं, कुशल प्रवासी श्रमिकों का उद्योगों में नियोजन किया जाएगा. वहीं, मंत्री ने केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर उठाए सवाल. उन्होंने कहा कि, एमएसएमई में कर्ज मिला, लेकिन सीधी रियायत नहीं. उन्होंने मांग किया कि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए बड़ी राशि जारी होनी चाहिए.

लॉकडाउन के बाद हालात सुधरेंगे
मंत्री ने कहा कि, उद्योगों में सरकारी दखल कम करने का प्रयास है. 2-3 महीने का हर्जाना उद्यमियों को लॉकडाउन के चलते मिलना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि, लॉकडाउन खत्म होने के बाद हालात सुधरेंगे. मीणा ने कहा कि, सीएम अशोक गहलोत उद्योग संचालन को लेकर गम्भीर हैं और वह अवश्य कोई राहत पैकेज लेकर आएंगे, उद्यमियों को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं, सरकार पूरी तरह से उनके साथ हैं और बड़े-छोटे सभी तरह उद्यमियों को राहत के प्रयास होंगे.