आज भी मांस युक्त पानी पीने को मजबूर हैं यहां के लोग, अधिकारियों को परवाह नहीं

देश पहले भी कोरोना की मार झेल रहा है. वहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर निकट गांव हरनौली के पास बनी माईनर पर नहरी विभाग के अधिकारियों की देख रेख में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. 

आज भी मांस युक्त पानी पीने को मजबूर हैं यहां के लोग, अधिकारियों को परवाह नहीं
प्रतीकात्मक तस्वीर

श्रीगंगानगर: देश पहले भी कोरोना की मार झेल रहा है. वहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर निकट गांव हरनौली के पास बनी माईनर पर नहरी विभाग के अधिकारियों की देख रेख में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. हरनौली माईनर के किनारे मृतक मवेशियों के शवों को निकाल कर वहीं छोड़ दिए जाते हैं.

ये भी पढ़ें: राजस्थान ऑडियो टेप को लेकर संबित पात्रा ने गहलोत सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा...

वहीं, आवारा कुत्ते पशुओं के शवों के माईनर के किनारे पर बैठ कर उन्हें अपना भोजन बनाते हैं और उसके बाद उसी नहर में नहाते हुए देखे जाते हैं. गजसिंहपुर सहित सीमावर्ती क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग इस पानी को पीते हैं और इसी मांस युक्त पानी पीने से संक्रामक बीमारी के फैलने का भी डर बना हुआ है.

गौरतलब है कि इन टेलो पर नियमित रूप से न तो मॉनिटरिंग की जाती और न ही इन टेलो पर कोई सफाई की जाती है. अब क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी तक नसीब ही नहीं हो रहा है. इस पानी को पीने से सबसे अधिक पेटदर्द शिकायत की बनी हुई है. ये टेले कोई भंयकर बीमारी को न्यौता दे रही हैं. जिसे लेकर अभी तक किसी भी अधिकारी ने इसका जायजा नहीं लिया. इसे लेकर अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों में रोष नजर आ रहा है.

ये भी पढ़ें: राजस्थान SOG विधायकों से पूछताछ के लिए पहुंची मानेसर, हरियाण पुलिस से हुई हाथापाई