सस्ते धनिए से सभी की तबीयत हुई 'हरी', 200 से अब 40 रुपए प्रति किलो

सब्जी खरीददारी पर मुफ्त में मिलने वाला हरा धनिया अगस्त महिने से बाजार से गायब था. वजह थी बढ़ती हुई कीमतें, लेकिन अब इसमें राहत है. 

सस्ते धनिए से सभी की तबीयत हुई 'हरी', 200 से अब 40 रुपए प्रति किलो
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: सब्जी खरीददारी पर मुफ्त में मिलने वाला हरा धनिया अगस्त महिने से बाजार से गायब था. वजह थी बढ़ती हुई कीमतें, लेकिन अब इसमें राहत है. आज मुहाना मंडी में हरा धनिया 40 से 70 रुपए प्रति किलो के थोक भाव पर रहा. इसका असर खुदरा दूकानों पर भी दिखा. सितंबर के पहले सप्ताह में थोक भावों में हरा धनिया 200 रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया था. खुदरा में कीमतें 250-300 रुपए प्रति किलो बनी हुई थी. स्थानीय धनिए की आवक नहीं होने पर बैंगलोर से प्रतिदिन तीन टन धनिया फ्लाइट से मंगवाया जा रहा था.

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अनलॉक फेज में प्रदेश में खाने थाली तक धनिया फ्लाइट से पहुंच रहा था, कीमतें भी आसमान की उंचाईयों पर थी. अब मंडियों में स्थानीय आवक बढ़ी है ऐसे में कीमतें धड़ाम से गिरी है. 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंचा धनिया अब निचल भावों में 40 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुका है. जयपुर फल और सब्ज़ी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तवंर का कहना है कि मुहाना मंडी में स्थानीय सब्ज़ियो की आवक आना मंडी मे शुरू हो गयी है, जिसका असर कीमतों पर है. 

मंडी मे धनिये की आवक बढ़ने से भावो में रिकॉर्ड गिरावट हुई है. मुहाना मंडी मे धनिए की लगभग 15 टन आवक हो रही है. मंडी मे धनिया की आवक उदयपुर और अजमेर से हो रही है जो धनिया थोक भाव मे 180 से 200 रुपए प्रति किलो में बिक रहा था. आज खुले भावों में धनिया 40 से 70 रूपये में बिका है. जैसे जैसे मंडी मे सब्जी की आवक बढ जायेगी तो सब्जियों के दामो में गिरावट आएगी.

प्रदेश की सबजी मंडियों में इस समय आलू और प्याज के अलावा वेयरहाउस से आ रही सब्जी कीमतों में तेजी है. अच्छी बारिश के चलते खेतों में सब्जी की फसल बेहतर है. अक्टूबर महिने की शुरूआत से स्थानीय आवक में तेजी आएगी. चौमूं, सीकर, दौसा, कोटपूतली में बोया धनिया भी बाजार में होगा. इसका सीधा असर कीमतों पर होगा.

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