गजसिंहपुर: कृषि बिल को लेकर किसानों का आंदोलन शुरू, सड़कों पर उतरे अन्नदाता

धान मंडियों में सम्पूर्ण कामकाज बंद कर दिया है. आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. 

गजसिंहपुर: कृषि बिल को लेकर किसानों का आंदोलन शुरू, सड़कों पर उतरे अन्नदाता
प्रतीकात्मक तस्वीर.

फतेह सांगर, गजसिंहपुर: श्री गंगानगर जिले में किसान विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ अन्नदाता सड़कों पर उतर आए हैं. आंदोलनकारियों ने ज़िले भर के मुख्य मार्गों पर चक्का जाम कर कृषि बिल को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. किसानों, किसान विरोधी काले कानून के खिलाफ मजदूरों, व्यापारी और किसान संगठन पड़ाव कर धरने पर बैठे हैं.

धान मंडियों में सम्पूर्ण कामकाज बंद कर दिया है. आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. केंद्र सरकार द्वारा कृषि बिल वापसी लेने की यहां पर मांग की जा रही है. फिलहाल गजसिंहपुर आंदोलन शांतिपूर्वक तरीके से चल रहा है.

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धरना स्थल पर गजसिंहपुर पुलिस जाब्ता भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है, बता दें कि यहां पर सिर्फ परीक्षार्थियों को और इमरजेन्सी सेवाओं के वाहनों को ही जाने दिया जा रहा है.

आपको बता दें कि आधा हिन्दुस्तान कृषि से जुड़ा है. इस कृषि बिल के खिलाफ आधे से ज्यादा विरोध पर हैं. किसानों का कहना है कि किसान विरोधी तीन अध्यादेश लाने के बाद धान मंडियों की व्यवस्था खत्म हो जाएंगी. निजी कारोबारियों की मनमानी और बढ़ जाएंगी. धरती पुत्रों की खेती पर निजी कंपनियों का अधिकार होगा. प्राइवेट कंपनियां ही फसलों की कीमत तय करेगी. उपज स्टोरेज में कालाबाजारी में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. न्यूनतम समर्थन मूल्य और खाद्य सुरक्षा भी कमजोर होगी.