झुंझुनूं: बाप-बेटे की जोड़ी का ऐसा जादू, पूरे राजस्थान में हो रही चर्चा

दोनों बाप बेटों की यह जोड़ी अब तक राजस्थान के अलावा नेपाल तक 200 से ज्यादा शो कर चुके हैं. हर शो में कुछ नया होता है ताकि दर्शकों में उत्सुकता हो. 

झुंझुनूं: बाप-बेटे की जोड़ी का ऐसा जादू, पूरे राजस्थान में हो रही चर्चा
हर शो में कुछ नया होता है ताकि दर्शकों में उत्सुकता हो.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: बाप-बेटे की जोड़ी जादू कला को बढ़ाने में लगी है. बाप है व्यापारी तो बेटा है सरकारी स्कूल में फर्स्ट ग्रेड टीचर, लेकिन नाम मात्र के पैसे लेकर बाप-बेटे करते हैं जादू का शो.

आजकल बच्चे हो या बड़े लेकिन वे मोबाइल से आगे कुछ नहीं सोचते. इन सबसे परे झुंझुनूं के एक बाप-बेटे की जोड़ी जादू की कला को जिंदा रखने के लिए काम कर रही है. वो भी केवल पैसे के लिए नहीं बल्कि शौक के तौर पर है. पिता जहां खेतड़ी के जाने-माने व्यापारी है तो बेटा भी सरकारी स्कूल में फर्स्ट ग्रेड टीचर. बावजूद इसके वे जादू के शो के जरिए न केवल इस कला को जिंदा रखे हुए हैं बल्कि विभिन्न सामाजिक संदेश भी दे रहे हैं. 

झुंझुनूं के खेतड़ी के रहने वाले कैलाश गर्ग, वैसे तो कपड़े के व्यापारी हैं और उनका बेटा जयप्रकाश गर्ग जेपी बबाई के सरकारी स्कूल में वाणिज्य विषय का व्याख्याता है लेकिन दोनों को ही जादूगरी देखने, करने और दिखाने का शौक है. इसलिए आज इस उम्र में भी वे बिना कोई संकोच और बिना कोई पैसे की चाह में यह कार्यक्रम कर रहे हैं. 

दोनों बाप बेटों की यह जोड़ी अब तक राजस्थान के अलावा नेपाल तक 200 से ज्यादा शो कर चुके हैं. हर शो में कुछ नया होता है ताकि दर्शकों में उत्सुकता हो. जादूगर जेपी गर्ग के पिता कैलाश बताते हैं कि मोबाइल से अलग जादू की दुनिया को बताने के लिए और इसे जिंदा रखने के लिए वे ये शो करते हैं.

कैलाश गर्ग बताते हैं कि उनका उद्देश्य पैसा कमाने का नहीं है बल्कि आज की युवा पीढ़ी और खासकर बच्चों को जादू और इसकी कला के बारे में बताना है. यही कारण है कि नाम मात्र के खर्चे पर ही वे शो करते हैं. उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने कोलकाता में एक संस्था के द्वारा तीन महीने का कोर्स कर यह कला सीखी. इसके बाद उनके बेटे ने कुछ उनसे तो कुछ कोलकाता की संस्था से ही जादू करना सीखा. अब दोनों शो करते हैं और झुंझुनूं ही नहीं, बल्कि शेखावाटी के एकमात्र जादूगर हैं.

वैसे भी आज की मोबाइल की जिंदगी में जादू कला लुप्त हो रही है लेकिन कैलाश गर्ग और जेपी गर्ग सरीखे शौक रखने वाले लोग न केवल खुद का शौक पूरा कर रहे हैं बल्कि बच्चों को इस पुरानी और बेहतरीन कला के बारे में बता रहे हैं.