जयपुर: आरक्षण पर आर-पार की लड़ाई, गुर्जर-मुस्लिमों के बीच छिड़ा संग्राम!

एक तरफ सरकार ने मुस्लिमों को एमबीसी कोटे से आरक्षण देने के लिए सर्वे शुरू किया तो गुर्जर सरकार से उखड़ गए. 

जयपुर: आरक्षण पर आर-पार की लड़ाई, गुर्जर-मुस्लिमों के बीच छिड़ा संग्राम!
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: राजस्थान में आरक्षण पर आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है. गुर्जरों और मुस्लिमों के बीच संग्राम छिड़ गया है. गुर्जरों के बाद अब मुस्लिम परिषद ने मोर्चा खोल दिया है. 

एक तरफ सरकार ने मुस्लिमों को एमबीसी कोटे से आरक्षण देने के लिए सर्वे शुरू किया तो गुर्जर सरकार से उखड़ गए. वहीं दूसरी तरफ अब मुस्लिमों ने भी कहा है कि आरक्षण की सबसे ज्यादा जरूरत मुस्लिमों को है. मुस्लिम परिषद संस्थान ने कर्नल किरोड़ी बैंसला को चुनौती दे डाली कि चाहे आप सर्वे करवा लीजिए कि आज आरक्षण की जरूरत सबसे ज्यादा किसे है? ऐसे में अब आरक्षण पर गुर्जरों के साथ मुस्लिमों का भी संग्राम मच गया है.

मुस्लिम परिषद संस्थान के अध्यक्ष का यह है कहना
सर्वे शुरू होने के बाद मुस्लिम परिषद संस्थान के अध्यक्ष युनूस चौपदार का कहना था कि अजमेर समेत कई जिलों में सरकार ने सर्वे शुरू करवा दिया है. इन समुदायों के पास न तो रोजगार है और न ही आर्थिक स्थिति ठीक है. आरक्षण के असली हकदार तो यही है. कर्नल बैंसला का विरोध करना अनुचित है. कर्नल साहब चाहे तो तुलनात्तक सर्वेक्षण करवा लें कि कौन इसका असली हकदार है. यह लाठी के दम पर चलने वाली बात नहीं है. सरकार प्रयास कर रही है अच्छी बात है लेकिन जरूरत पड़ी तो मुस्लिम परिषद संस्थान भी आरक्षण के लिए आंदोलन करेगा. इस मांग को सरकार के सामने भी मजबूती से रखेंगे.

73 लोगों की जान गंवाकर गुर्जरों को मिला आरक्षण
वहीं दूसरी ओर कर्नल किरोड़ी बैंसला ने कहा कि है कि यदि सरकार ने 7 दिन में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की तो एक बार फिर से आंदोलन होगा. एमबीसी कोटे से आरक्षण का सवाल ही नहीं उठता. इस कोटे से केवल गुर्जरों को ही आरक्षण मिल सकता है. गुर्जरों ने 73 लोगों की जान गंवाकर आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ी. यदि ऐसा हुआ तो फिर आंदोलन होगा हालांकि उनका ये भी कहना था कि मुस्लिमों को सरकार एससी कोटे से आरक्षण मिलना चाहिए.
ऐसे में अब सवाल यही है कि सरकार आरक्षण पर मचे घमासान कब हल निकालेगी और कब ये मामला शांत होगा.