जल्द फाइल करें आयकर रिटर्न, बड़ी संख्या में नोटिस जारी करने की तैयारी में विभाग

आकयर विभाग कोविड 19 के चलते राजस्व संग्रहण में सख्ती से परहेज कर रहा है, 

जल्द फाइल करें आयकर रिटर्न, बड़ी संख्या में नोटिस जारी करने की तैयारी में विभाग
फाइल फोटो

जयपुर: आकयर विभाग कोविड 19 के चलते राजस्व संग्रहण में सख्ती से परहेज कर रहा है, केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई और छापेमारी पर रोक लगाई हुई है. विभाग अग अगस्त महिने में अपने टारगेट पर भी फोकस करने की तैयारी में है. इसकी शुरूआत वित्त वर्ष 2018-19 की आयकर रिटर्न नहीं भरने वालों को नोटिस देकर की जा रही है. 

करदाताओं को राहत देने के लिए आयकर विभाग 30 सितंबर तक आईटीआर भरने की अवधि में इजाफा कर चुका है. इसके साथ ही विभाग आने वाले दिनों में अपनी अन्वेषण विंग को भी सक्रिय कर रहा है, भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग कर इस दिशा में कदम उठाया जा चुका है.

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वित्त वर्ष 2018-19 के लिए बिना किसी पेनल्टी के रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख पहले 31 जुलाई 2019 थी, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 31 अगस्त 2019 किया था. इस तारीख के बाद बीते वित्त वर्ष के लिए पेनल्टी के साथ आईटीआर फाइल करने का मौका 31 मार्च 2020 तक था, फिर इसे बढ़ाकर 31 जुलाई और अब यह मौका 30 सितंबर 2020 तक है. सितंबर में सभी बकाया आयकर रिटर्न भरे जाए इससे पहले विभाग बकाएदारों को नोटिस भेज रहा है. 

राजस्थान के क्षेत्रीय मुख्यालय ने सभी सर्किल ऑफिस को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही अन्वेषण शाखा भी नए आईआरएस अधिकारियों की पोस्टिंग के साथ सक्रिय हो गई है. आने वाले दिनों में काले धनकुबेरों पर छापे की कार्रवाई संभव है. विभागीय जानकारी के अनुसार आयकर विभाग आने वाले दिनों में छापेमारी तेज़ करेगा. आयकर लक्ष्य पाने के लिए अन्वेषण शाखा सख्त रुख दिखा सकती हैं. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने देशभर में 13 लाख 19 हजार करोड़ रुपए आयकर वसूली का लक्ष्य तय किया हैं. 

वित्त 2020-21 के लिए तय किए गए आंकड़ों में मुंबई रीजन सबसे शीर्ष पर है. राजस्थान के लिए 22,130 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया है. चालू वित्त वर्ष की शुरुआत कोरोना संक्रमण और लॉक डाउन के चलते अर्थव्यवस्था पर गहरा असर के साथ हुई है. ऐसे में पहली तिमाही में आयकर वसूली का दायरा बेहद कम रहा है. वहीं, अन्य तीन तिमाहियों में भी आयकर वसूली का दबाव विभाग पर बने रहने की आशंका है. राजस्थान में बीते वित्त वर्ष में आयकर वसूली तय लक्ष्यों के मुकाबले कम रही थी.

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