राजस्थान: फिंगर प्रिंट ब्यूरो में नफरी की कमी, 69 पदों पर में सिर्फ 27 का स्टाफ

साइंटिफिक तरीके से अपराधियों पर शिकंजा कसने वाला फिंगर प्रिंट ब्यूरो नफरी की कमी से जूझ रहा है.

राजस्थान: फिंगर प्रिंट ब्यूरो में नफरी की कमी, 69 पदों पर में सिर्फ 27 का स्टाफ
फाइल फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: साइंटिफिक तरीके से अपराधियों पर शिकंजा कसने वाला फिंगर प्रिंट ब्यूरो नफरी की कमी से जूझ रहा है. हालत यह है कि ब्यूरो में स्वीकृत नफरी के आधे से भी कम पद भरे हुए हैं, जबकि पहले की तुलना में काम बहुत अधिक बढ़ गया है. इधर पुलिस मुख्यालय से भेजा गया ब्यूरो के पुनर्गठन का प्रस्ताव लम्बे समय से राज्य सरकार के पास अटका हुआ है. अपराधिक वारदात होने के बाद पुलिस पर उसका खुलासा करने को लेकर दबाव रहता है. इस दौरान साइंटिफक तकनीकी केस को हल करने में फिंगरप्रिंट ब्यूरो काफी मददगार साबित होता है. वहीं, दूसरी ओर राजस्थान में फिंगरप्रिंट ब्यूरो पुलिस और एफएसएस के बीच फुटबाल बनने के बाद पुनर्गठन को तरस रहा है.

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- राज्य फिंगरप्रिंट ब्यूरो में स्वीकृत नफरी 69 है, वहीं महज 27 का स्टाफ ही कार्यरत है
- पदों की कमी के कारण ब्यूरो का काम अत्यधिक प्रभावित हो रहा है
- ब्यूरो में पदों के पुनर्गठन के लिए स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से करीब चार साल पहले प्रस्ताव भेजा गया
-  गृह विभाग ने  30 जनवरी 2017 को आदेश जारी कर ब्यूरो का एफएसएल में विलय करने के आदेश जारी किए
- डीजीपी ने 3 मार्च 2017 को फिंगरप्रिंट ब्यूरो के अधिकारी-कर्मचारियों को संसाधनों के साथ एफएसएल हस्तानांतरित करने के आदेश दिए
-कुछ समय बाद ही डीजीपी ने 19 मई 2017 को आदेश जारी कर विलय को निरस्त कर  
- इधर फिंगर प्रिंट ब्यूरो के राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में समायोजन का प्रकरण वित्त विभाग को भेजा
- वित्त विभाग ने  24 अगस्त 2017 को  सैद्धांतिक सहमति देते हुए  विभाग को  भर्ती एवं पदोन्नति के नियम बनाने के निर्देश दिए
- इधर गृह विभाग ने  19 फरवरी 2020 को वित्त विभाग के निर्देश की जानकारी मांगी
- इस पर पुलिस मुख्यालय ने 9 जून को कारण सहित फिंगरप्रिंट ब्यूरो के पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव फिर भेज दिया
- NCRB नई दिल्ली राजस्थान में नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटीफिकेशन सिस्टम प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है
- यह सिस्टम जिलों के साथ ही जयपुर-जोधपुर कमिश्नरेट में शुरू किया जाएगा
- ब्यूरो की नफरी में प्रमोशन पिरामिड के अनुरूप नहीं है
- ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने फिंगर प्रिंट ब्यूरो के पुनर्गठन के प्रस्ताव पर जल्द सहमति मांगी है
-फिंगरप्रिंट ब्यूरो में वर्तमान में सीआई के स्वीकृत 4 पद भरे हुए हैं. वहीं, उपनिरीक्षक के स्वीकृत 43 पदों में से महज 12 ही कार्यरत हैं। इसी तरह मुख्यआरक्षक के सभी पांच पद भरे हुए हैं. आरक्षक के 14 पदों में से पांच ही कार्यरत हैं। वरिष्ठ फोटोग्राफकर के दो में एक पद पर कार्यरत हैं.

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