चित्तौड़गढ़: खाप पंचायत ने परिवार का हुक्का-पानी किया बंद, FIR दर्ज

एक व्यक्ति को बाल विवाह और मृत्यु भोज का विरोध करना इतना भारी पड़ा कि खाप पंचायत के पंचों ने उसके परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया. 

चित्तौड़गढ़: खाप पंचायत ने परिवार का हुक्का-पानी किया बंद, FIR दर्ज
खाप पंचायत ने परिवार का हुक्का-पानी किया बंद. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दीपक व्यास/चित्तौड़गढ़: एक ओर जहां सरकार रूढ़िवादिता और कुरितियों को खत्म करने का प्रयास कर रही है तो वहीं, आज भी खाप पंचायतें (Khap Panchayat) इन रूढ़ीवादी परंपराओं को बढ़ावा देने की कवायद करती प्रतीत हो रही है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक खाप पंचायतों की पोल खोल कर रख दी है.

एक व्यक्ति को बाल विवाह और मृत्यु भोज का विरोध करना इतना भारी पड़ा कि खाप पंचायत के पंचों ने उसके परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया. दरअसल, सतखंडा निवासी शिव लाल डांगी लंबे समय से समाज में मृत्यु भोज और बाल विवाह जैसी कुरीतियों का विरोध कर रहा था. आए दिन समाज की बैठकों में उसके विरोध करने से क्रोधित खाप पंचायत के पंचों ने गत 30 जुलाई को बैठक आयोजित कर उसका और उसके परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया. लेकिन समाज में व्याप्त कुरितियों को दूर करने के लिये शिवलाल ने हार नहीं मानी.

उसने फिर से मायरा गांव में पंचायत बैठने की सूचना पुलिस को दी. जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची. लेकिन पुलिस को देखते ही खाप पंचायत आयोजित करने वाले पंच पटेल मौके से भाग छूटे, जिसे जो साधन मिला उसमें बैठकर वह मौके से भागने लगा. पुलिस का कहना है कि इस मामले में थाने में परिवाद दर्ज है, जिसकी जांच की जा रही है.

इधर, शिवलाल द्वारा दिए गए परिवाद में 21 लोगों को नामजद किया गया है. इसमें से कई लोग आज मौजूद थे. लेकिन पुलिस को देखकर मौके से भाग छूटे. पूरे घटनाक्रम से साफ हो गया है कि आज भी खाप पंचायतों के मनमानी जारी है और गलत परंपराओं को शह देने का काम बदस्तूर किया जा रहा है.

पीड़ित ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि उसके सामाजिक बहिष्कार का लिखित सबूत परंपरागत रूप से लिखी जाने वाली भाट की पोथी में दर्ज किया गया है.