टोंक: कैदियों से वसूली और मौज कराने पर जेल अधिकारियों पर कसा शिकंजा, FIR दर्ज

पूरे मामले को उजागर करने वाले दिल्ली के वकील राजेन्द्र सिंह तोमर की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था.

टोंक: कैदियों से वसूली और मौज कराने पर जेल अधिकारियों पर कसा शिकंजा, FIR दर्ज
टोंक जेल में चल रहे गौरखधंधे की एक के बाद एक लगातार 6 शिकायतें दर्ज कराई गई थी.

पुरुषोत्तम जोशी/टोंक: बंदियों से चौथवसूली करवाने और पैसे देकर जेल में मौज कराने वाले जिला कारागृह टोंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. पूरे मामले को उजागर करने वाले दिल्ली के वकील राजेन्द्र सिंह तोमर की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में इस्तगासा पेश किया था.

इस पर कोर्ट के आदेशों के बाद कोतवाली थाने में टोंक जेल प्रबंधन और उसके समस्त कर्मचारियों के साथ-साथ जेल अधीक्षक की शह पर, बंदियों से मारपीट कर चौथवसूली करने के आरोपो से घिरे बंदी मेघराज जाट, राम पांडेय और राजेश चायवाला के खिलाफ एक्सटॉर्शन, चौथवसूली, भ्रष्टाचार, मारपीट सहित आईपीसी की 20 गम्भीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

इसके साथ ही जेल में बंदियों के परिजनों से जिन फोन नम्बर्स और पेटीएम (Paytm), गूगल पे  (Google Pay) के जरिए पैसे दलवाए जाते थे, उन नंबर्स को भी एफआईआर (FIR) में पार्टी बनाया गया है. बता दें कि अधिवक्ता राजेन्द्र सिंह तोमर टोंक जेल में चल रहे गौरखधंधे की एक के बाद एक लगातार 6 शिकायतें दर्ज कराई थी.

वकील तोमर ने बताया था कि उनके क्लाइंट जितेंद्र सिंधी, शंकर जंगम सहित जेल के हवालाती बंदियों से जेल प्रबन्धन चौथवसूली करता है और चौथवसूली की शिकायत करने पर बंदियों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़नाएं भी दी जाती हैं. इस मामले को लेकर तोमर द्वारा राज्य मानव अधिकार आयोग, मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और प्रदेश जेल के उच्च अधिकारियों के भी लिखित शिकायतें की जा चुकी है.

ऐसे में अब देखना यह होगा कि कोतवाली थाना पुलिस जेल प्रबंधन और उनके समस्त कर्मचारियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है.