उच्च शिक्षा में नहीं दिखा पहले दिन का उत्साह, महज 10 से 15 फीसदी रही उपस्थिति

कोरोना के बाद से ही बंद पड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी वापस खुल गए हैं. उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की ओर से फिलहाल यूजी और पीजी अंतिम वर्ष की कक्षाओं को शुरू करने का फैसला लिया गया है. 

उच्च शिक्षा में नहीं दिखा पहले दिन का उत्साह, महज 10 से 15 फीसदी रही उपस्थिति
फाइल फोटो

जयपुर: कोरोना के बाद से ही बंद पड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी वापस खुल गए हैं. उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की ओर से फिलहाल यूजी और पीजी अंतिम वर्ष की कक्षाओं को शुरू करने का फैसला लिया गया है. स्कूल शिक्षा में जहां बच्चों में पहले दिन स्कूल आने को लेकर खासा उत्साह नजर आया, तो वहीं उच्च शिक्षा में यह उत्साह कम ही देखने को मिला. महारानी कॉलेज (Maharani College), कॉमर्स कॉलेज (Commerce College), राजस्थान कॉलेज (Rajasthan College), महाराजा कॉलेज (Maharaja College) और राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम रही. कॉलेजों में जहां महज 10 से 15 फीसदी उपस्थिति ही देखने को मिली, तो वहीं यूनिवर्सिटी में भी यही हालात थे. 

हालांकि उच्च शिक्षा की ऑनलाइन क्लासेस चलने साथ ही अंतिम वर्ष में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम रहने के चलते भी बच्चों की संख्या कम देखने को मिली. कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि "कोरोना के हालात अब सामान्य होते जा रहे हैं. साथ ही राजस्थान में रिकवरी रेट बहुत अच्छा है. ऐसे में सरकार ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी को खोलने का फैसला लिया है. हालांकि पहले चरण में 50 विद्यार्थियों के साथ ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी को खोलने का फैसला लिया गया है. इसके साथ ही सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन की सख्त पालना को लेकर भी शिक्षकों को दिशा निर्देश दिए गए हैं." 

करीब 10 महीनों के बाद कॉलेज और यूनिवर्सिटी खुले हैं ऐसे में सिलेबस को लेकर भी सवाल उठ रहे थे इन्हीं सवालों का जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि "सिलेबस को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है. उच्च शिक्षा की ऑनलाइन क्लास लगातार जारी थी और अब परीक्षाएं होने में करीब 2 से 3 महीने का समय है. ऐसे में सिलेबस को समय पर पूरा करवाने की कोशिश रहेगी. यदि सिलेबस को पूरा करवाने के लिए अतिरिक्त क्लासों को लगाने की जरूरत पड़ी तो एक्स्ट्रा क्लास भी लगवाई जाएगी. अभी तक सिलेबस को कम करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. आगे जैसी भी परिस्थितियां बनेगी उनके अनुसार उच्च शिक्षा विभाग कदम उठाएगा.

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