देश के लिए नजीर बनेगा राजस्थान, जल्द खुलेगा शांति और अहिंसा विभाग

राजस्थान (Rajasthan) पहला ऐसा राज्य है, जिसने गांधीजी के शांति, अहिंसा और सद्भाव के विचारों को फैलाने के लिए यह प्रकोष्ठ बनाया है. 

देश के लिए नजीर बनेगा राजस्थान, जल्द खुलेगा शांति और अहिंसा विभाग
प्रदेश में शांति और अहिंसा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है.

जयपुर: देश में पहली बार राजस्थान (Rajasthan) में शांति और अहिंसा विभाग खुलेगा. युवा पीढ़ी में शांति, अहिंसा और भाईचारे के विचारों को पहुंचाने के लिए गहलोत सरकार इस विभाग को खोलने जा रही है. 

फिलहाल प्रदेश में शांति और अहिंसा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है, जिसे आगे चलकर विभाग बनाया जाएगा. इस विभाग के माध्यम से शांति, सद्भाव एवं भाईचारे को बढ़ावा दिया जाएगा. राजस्थान (Rajasthan) पहला ऐसा राज्य है, जिसने गांधीजी के शांति, अहिंसा और सद्भाव के विचारों को फैलाने के लिए यह प्रकोष्ठ बनाया है. राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये का अलग से बजट प्रावधान किया गया है.

पिछले दिनों प्रदेश में हुई हिंसा को देखते हुए इस विभाग की आवश्यकता और अधिक बढ गई है. चलिए आपको बताते हैं मुख्य घटनाएं, जिसमें हिंसा हुई -

1. 21 जुलाई 2018 - अलवर, रकबर खान, पीट-पीटकर हत्या
2. 17 जुलाई - कोटा, गौ तस्करी की आशंका मामले में दो लोगों की पिटाई
3. 14 जुलाई - झुंझुनू, मोबाइल चोरी के आरोप में नाबालिग की पिटाई
4. 3 फरवरी - जयपुर, मानसिक रूप से विक्षिप्त 25 वर्षीय युवक की बच्चा चोरी की आशंका पर पिटाई
5. 6 दिसंबर 2017, राजसमंद, वेस्ट बंगाल के एक मजदूर की हत्या
6. 20 दिसंबर 2017, प्रतापगढ़, क्रिसमस फेस्टिवल के दौरान लोगों से मारपीट
7. 23 दिसंबर 2017, अलवर, 46 वर्षीय जाकिर खान कि गौ तस्करी के आरोप में लोगों ने की मारपीट
8. 10 नवंबर 2017, गोविंदगढ़, 35 वर्षीय उमर खान की गौ तस्करी के आरोप में लोगों ने की मारपीट
9. 10 अक्टूबर 2017, जैसलमेर, एक गायक की पीट-पीटकर हत्या
10. 4 जून 2017, दौसा, चोरी की आशंका पर 25 वर्षीय युवक को पेड़ से बांधकर लोगों ने की मारपीट
11. 17 जुलाई 2017, नागौर, धार्मिक टिप्पणी को लेकर मानसिक रूप से विक्षिप्त एक महिला की पाइप से की लोगों ने पिटाई
12. 1 अप्रैल 2017, अलवर, पहलू खान की गौ तस्करी के आरोप में हत्या
13. 26 मई 2017, अलवर, 4 सिख युवकों के साथ स्थानीय लोगों ने की मारपीट
14. 11 जून 2017, चूरू, प्रेम प्रसंग के आरोप के बाद 25 वर्षीय युवक की परिजनों ने की मारपीट

घर-घर पहुंचे गांधी का संदेश
इसके अलावा जयपुर के रामगंज, शास्त्री नगर, कल्याण जी के रास्ते में हुई हिंसा को देखते हुए अहिंसा विभाग की आवश्यकता और बढ़ गई है. इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन ही उनका संदेश है. नई पीढ़ी को उनकी जीवनी पढ़ने की आवश्यकता है. गांधीजी के संदेश घर-घर पहुंचे, इसकी जरूरत आज के दौर में सबसे ज्यादा है.

यदि यह विभाग राजस्थान (Rajasthan) में बनता है तो देश के लिए नजीर बनेगा क्योंकि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे. इन्हीं विचारों को यदि गहलोत सरकार विभाग बनाता है तो ये बहुत बड़ा कदम होगा.