राजस्थान: खाद्य विभाग अब डीलरों को करेगी ऑनलाइन राशन का आवंटन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ऑनलाइन गेहूं आवंटन करने वाला राजस्थान अग्रणी राज्य बन गया है

राजस्थान: खाद्य विभाग अब डीलरों को करेगी ऑनलाइन राशन का आवंटन
सितंबर माह से पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी

जयपुर/दीपक गोयल: खाद्य विभाग ने राशन वितरण की व्यवस्था में राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव किया है. इसके तहत डीलरों को सीधे डिपो पर जयपुर से गेहूं का आवंटन किया जाएगा. इस व्यवस्था के लिए शुरुआती दौर में सरकार ने सप्लाई चैन सिस्टम के तहत चूरू और जैसलमेर जिले का चयन किया था. इन दोनों जिलों में अगस्त माह से ही आवंटन जयपुर से किया गया. व्यवस्था बेहतर होने के कारण अब इसे पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है.

सितंबर माह से पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ऑनलाइन गेहूं आवंटन करने वाला राजस्थान अग्रणी राज्य बन गया है. 26 हजार 776 उचित मूल्य दुकानें उपभोक्ता मुख्यालय से सीधे जुड़ गए हैं. अब कम्प्यूटर के माध्यम से उचित मूल्य दुकानों तक गेहूं आवंटन करने में इस सिस्टम से समय की बचत होगी. 

खाद्य विभाग संबंधित डीलर के तीन माह का गेहूं वितरण का रिकॉर्ड देखेगा. उसी हिसाब से औसतन उतना ही गेहूं आवंटित किया जाएगा. डिपो पर गेहूं उठाव का मेमो खाद्य विभाग से जारी नहीं होगा. विभाग के जयपुर मुख्यालय से सीधे केवीएसएस के पास डिपो का नाम और गेहूं आवंटन का संदेश आएगा. 

जयपुर की ओर से आवंटित गेहूं डिपो पर पहुंचने के बाद डीलर को उस माह के गेहूं का कुल कोटा आवंटन का मैसेज मोबाइल पर भेजा जाएगा. सारा गेहूं पहुंचने के बाद डीलर विभाग को मैसेज भेजेगा. यह पहुंचते ही विभाग डीलर को ओटीपी नंबर जारी करेगा.ओटीपी नंबर मिलने पर डीलर की पोस मशीन में गेहूं का कोटा ऑटोमेटिक अंकित हो जाएगा. इसके बाद डीलर आवंटित गेहूं का उपभोक्ताओं को आवंटन शुरू कर सकेगा.

विभाग की ओर से शुरू की गई नई व्यवस्था के तहत अब गेहूं की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा का कहना हैं कि नई व्यवस्था से कालाबाजारी पर भी अंकुश लग सकेगा और उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. चूरू और जैसलमेर जिलों में ये व्यवस्था अगस्त में शुरू कर दी गई है. जबकि सितंबर माह में पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा. 

बाबूलाल वर्मा के मुताबिक सरकार सप्लाई चैन मैनेजमेंट सिस्टम को लागू तक नहीं कर पाई. इसको लेकर कई दिनों से कवायद की जा रही थी. लेकिन इतना सबकुछ इतना जल्दी संभव नही था. लेकिन अब ये संभव हो पाया हैं तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा हैं.

गौरतलब है कि अब तक गेहूं आवंटन का अधिकार जिला रसद अधिकारियों के पास था लेकिन यह अधिकार उनसे वापस ले लिया गया है. इस संबंध में जारी आदेशों के बाद सभी डीएसओ कार्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से ऐसा गेहूं आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए किया गया है. 

गेहूं के आवंटन, उठाव और वितरण ऑनलाइन होने से प्रदेश के सभी जिला रसद अधिकारी ऑनलाईन देख सकते हैं. उचित मूल्य के दुकानदारों के पास भी तुरंत मैसेज जाते ही वो भारतीय खाद्य निगम से गेहूं की गाड़ी उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचने की प्रक्रिया का मिलान भी कर सकते हैं. साथ ही सम्भाग, जिला और ब्लॉक स्तर पर किस उचित मूल्य दुकान पर कितनी राशन सामग्री पहुंच रही है.