बाड़मेर की बेटी का 'इंडिया मार्च', स्कूटी से भारत भ्रमण पर निकली नीतू चोपड़ा

बाड़मेर की एक बेटी देश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के संदेश के साथ कश्मीर से कन्याकुमारी तक स्कूटी से अकेली यात्रा पर निकली है.

बाड़मेर की बेटी का 'इंडिया मार्च', स्कूटी से भारत भ्रमण पर निकली नीतू चोपड़ा
नीतू चोपड़ा

बाड़मेर: जब हौसला बना लिया ऊंची उड़ान का, फिर देखना फिजूल है कद आसमान का. इसी सोच के साथ सरहदी जिले बाड़मेर के बालोतरा की एक बेटी देश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के संदेश के साथ कश्मीर से कन्याकुमारी तक स्कूटी से अकेली यात्रा पर निकली है.

बालोतरा की साहसी बेटी नीतू चोपड़ा बेटियों के सशक्तीकरण व आत्मनिर्भर बनने की जागरूकता के लिए उत्तर से दक्षिण की 4200 किलोमीटर तक अकेले स्कूटी से यात्रा पर निकली है. नीतू का कहना कि समाज और बेटियों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता आ रही है. वहीं कुछ जगहों पर महिलाओं के प्रति अपराध भी बढ़े हैं. अब जरूरत है बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने की, जिससे वो हर मुश्किल हालात का सामना कर सके.
बेटियों के माता पिता भी उन्हें अबला न समझ कर बेटियों को घर की चारदीवारी से बाहर निकले के लिए हौसला बढ़ाये ताकि वो आत्मनिर्भर बन सके. तभी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारा साकार हो सकेगा.

खुद को फ्लाइंग ईगल कहने वाली नीतू ने अब तक कश्मीर से उत्तर भारत के उत्तराखण्ड, दिल्ली, राजस्थान की यात्रा कर चुकी है और अब दक्षिणी भारत की यात्रा का आगाज किया है. बालोतरा में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित कर्यक्रम में युवतियों और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के गुर सिखाए. नीतू के पिता भी उसकी इस मुहिम व साहस पर साथ हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल के समय से ही नीतू साहसी है और NCC केडेट के रूप कई गतिविधियों में शामिल रही है. नीतू किसी भी परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है.

पेशे से इवेंट मैनेजमेंट का कार्य करने वाली नीतू ने यात्रा के अनुभव भी साझा किए. बालोतरा में तेरापंथ महिला मंडल ने नीतू की हौसला अफजाई करते हुए आगे की यात्रा के लिए हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. नीतू की इस 19 दिवसीय यात्रा की कई महिला संगठनों ने भी सराहना की है.