कोटा: ACB का बड़ा खुलासा, चाय की दुकान से चलता था रिश्वत का खेल

कोटा एसीबी ने गुरुवार को फारेस्ट गार्ड एमपी वर्मा को 25 हजार की रिश्वत लेने के मामले में ट्रेप किया था, इस मामले में कई बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

कोटा: ACB का बड़ा खुलासा, चाय की दुकान से चलता था रिश्वत का खेल
फारेस्ट गार्ड एमपी वर्मा

हिमांशु मित्तलकोटा: एसीबी की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बाद भी भ्रष्टाचार रुक नहीं रहा. भ्रष्ट अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. भ्रष्ट अफसर रिश्वत लेना तो बंद नहीं कर रहे, बल्कि अपने बचाव के लिए अलग-अलग दलाल बना रहे हैं ताकि अपना दामन पाक रख सकें, लेकिन राजस्थान की ACB की नजरों से बचना नामुमकिन है.

कोटा एसीबी ने गुरुवार को फारेस्ट गार्ड एमपी वर्मा को 25 हजार की रिश्वत लेने के मामले में ट्रेप किया था, इस मामले में कई बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. आरोपी फारेस्ट गार्ड ने परिवादी घनश्याम को रिश्वत की राशि देने के लिए धर्मपुरा रोड पर एक चाय वाले का पता दिया गया था. परिवादी को कहा गया था कि चाय की दुकान चलाने वाले विजय गुर्जर को 25 हजार रुपये दे देना.

जब एसीबी परिवादी की शिकायत पर वन रक्षक का पीछा कर रही थी तो वन रक्षक वर्मा ने अपने दलाल वीरम को राशि देने के लिए कहा और वीरम ने ये राशि चाय की दुकान पर विजय को दिलवाई. जैसे ही घनश्याम ने ये राशि चाय वाले विजय को दी तभी पीछा कर रही एसीबी ने उसे दबोच लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली.

गौरतलब है कि परिवादी घनश्याम का वन भूमि पर अतिक्रमण कर मकान बना हुआ है, जिसे तोड़ने के नाम पर लगातार रिश्वत देने के लिए धमकियां वन रक्षक द्वारा दी जा रही थी. इससे घबरा कर परिवादी ने कोटा सपेशल यूनिट के अफसरों के सामने गुहार लगाई और फिर एसीबी ने भ्रष्ट वन रक्षक को दबोचने के लिए जाल बिछाया, जिसमें वन रक्षक एमपी वर्मा, दलाल वीरम और चाय वाला विजय गुर्जर फंस गए.

एसीबी फिलहाल इनके ठिकानों की तलाशी ले रही है. तीनों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है और शुर्क्वार को कोर्ट में पेश किया गया.