संजीवनी क्रेडिट स्कैम में शेखावत को मिली बड़ी राहत, HC ने इस आदेश पर लगाई रोक

न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश केवलचंद डगलिया की ओर से दायर याचिका पर, सुनवाई करते हुए दिया.

संजीवनी क्रेडिट स्कैम में शेखावत को मिली बड़ी राहत, HC ने इस आदेश पर लगाई रोक
अदालत ने 21जुलाई को मामले में एसओजी को अग्रिम जांच के आदेश दिए थे.

महेश पारीक/जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) में संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाले (Sanjeevani Credit Co-operative Society Scam) से जुड़े मामले में निचली अदालत के उस आदेश की क्रियान्विति पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत अदालत ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और केवल चंद डगलिया सहित अन्य के खिलाफ एसओजी (SOG) को अग्रिम जांच के आदेश दिए थे.

न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश केवलचंद डगलिया की ओर से दायर याचिका पर, सुनवाई करते हुए दिया. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि, जांच एजेंसी की ओर से सीआरपीसी (CrPc) की धारा 173(8) के तहत अनुसंधान जारी रखने के संबंध में, दोनों पक्षों के बीच कोई विवाद नहीं है, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने याचिकाकर्ता सहित अन्य पर कूटरचना का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार करने और उनकी संपत्ति जब्त करने की मांग की है.

कोर्ट ने कहा कि, ऐसे में स्पष्ट आरोप होने के बाद भी, उन्हें सुनवाई का अवसर दिए बिना निचली अदालत ने आदेश दिया है, जिसे विधि सम्मत नहीं कहा जा सकता. याचिका में कहा गया कि, एडीजे कोर्ट ने गत 21 जुलाई को शिकायतकर्ता गुमानसिंह व लाबूसिंह की रिविजन अर्जी पर सुनवाई करते हुए, मामले में एसओजी को अग्रिम जांच के आदेश दिए थे, जबकि रिविजन अर्जी के तथ्यों में याचिकाकर्ता का नाम होने के बावजूद उसका पक्ष नहीं सुना गया.

आदालत ने कहा कि, निचली अदालत की ओर से प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद, उसके खिलाफ दायर रिविजन अर्जी में याचिकाकर्ता को पक्षकार भी नहीं बनाया गया. ऐसे में एडीजे कोर्ट का आदेश अवैध है. गौरतलब है कि, मामले में शिकायतकर्ता गुमानसिंह व अन्य के प्रार्थना पत्र को निचली अदालत ने, गत 13 जुलाई को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि, वह मामले में परिवादी नहीं है.

इसके खिलाफ दायर रिविजन याचिका पर सुनवाई करते हुए, एडीजे कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को अग्रिम जांच के लिए एसओजी में भेज दिया था. प्रार्थना पत्र में केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों की संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाले में भूमिका बताई गई थी.