केंद्रीय मंत्री शेखावत का बड़ा बयान, बोले- जल संरक्षण की विधि राजस्थान से सीखने की जरूरत

उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत जल शक्ति मंत्रालय लोगों को जल संरक्षण की प्राचीन विधियों से अवगत कराने के प्रयासों में लगा है और राजस्थान के पास जल संचय की ऐसी-ऐसी विधियां है, जिन्हें देखकर विश्व चकित रह जाएगा.

केंद्रीय मंत्री शेखावत का बड़ा बयान, बोले- जल संरक्षण की विधि राजस्थान से सीखने की जरूरत
उन्होंने इस मौके पर लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की.

जोधपुर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने रविवार को कहा कि देश के दूसरे हिस्सों को राजस्थान (Rajasthan) से जल संरक्षण (Water Conservation) की सीख लेनी चाहिए. उनका कहना है कि प्रदेश में जल संचय की ऐसी-ऐसी विधियां अपनाई गई हैं, जिन्हें देखकर दुनिया चकित रह जाएगी.

शेखावत ने रविवार को जोधपुर के दौरे के दौरान यहां 'सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास' विषय पर आधारित मल्टीमीडिया एग्जिबिशन एवं जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

इस मौके पर उन्होंने कहा, "राजस्थान निवासियों को पानी का मोल समझाने की जरूरत नहीं है, लेकिन पानी की कमी की चुनौती को लेकर सामने खड़ा भविष्य कहता है राजस्थान अब देश के दूसरे हिस्सों को जल संचय और संरक्षण की सीख दे." उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत जल शक्ति मंत्रालय लोगों को जल संरक्षण की प्राचीन विधियों से अवगत कराने के प्रयासों में लगा है और राजस्थान के पास जल संचय की ऐसी-ऐसी विधियां है, जिन्हें देखकर विश्व चकित रह जाएगा.

उन्होंने कहा, "हमारे पूर्वज कितने दूरदर्शी थे यह बात हमारे जल संचय की निर्माण प्रणाली से साबित होती है. मेरा पूरा विश्वास है कि राजस्थान की जल संचय की परंपरागत तकनीक जल शक्ति अभियान में अग्रणी भूमिका निभाएगी." शेखावत ने कहा कि राजस्थान से जल संचय और संरक्षण के तरीके सीखने की जरूरत है. उन्होंने इस मौके पर लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की.