राजस्थान में गुर्जरों को मिलेगा न्यायिक सेवा में आरक्षण, गहलोत सरकार ने दी मंजूरी

राज्य सरकार ने इन पांचों जातियों को एमबीसी (More Backward Class) के अंतर्गत न्यायिक सेवा में 1 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है. 

राजस्थान में गुर्जरों को मिलेगा न्यायिक सेवा में आरक्षण, गहलोत सरकार ने दी मंजूरी
गुर्जरों को न्यायिक सेवा में आरक्षण देने राजस्थान सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया शुरु कर दी है.

आशीष चौहान, जयपुर: राजस्थान के इतिहास में पहली बार न्यायिक सेवा में गुर्जरों को आरक्षण देने का प्रावधान गहलोत सरकार लेकर आई है. गुर्जर समेत पांच जातियों को न्यायिक सेवा में 1 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा. राजस्थान में गहलोत सरकार ने सत्ता में आने के बाद 10 साल से अटके इस मामले को गहलोत सरकार ने सुलझा दिया है. 

राज्य सरकार ने इन पांचों जातियों को एमबीसी (More Backward Class) के अंतर्गत न्यायिक सेवा में 1 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है. गुर्जरों को 1 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सरकार को न्यायिक सेवा नियमों में संशोधन करना होगा. जिसके लिए सरकार को या तो कैबिनेट में सर्कुलर के जरिए नियमों में संशोधन करना होगा या फिर विधानसभा में इस प्रस्ताव को पारित करना होगा. बताया जा रहा है कि, राज्यपाल कल्याण सिंह ने संशोधन की मंजूरी दे दी है.

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद राजस्थान न्यायायिक सेवा (Rasthan Judicial Service)में होने वाली भर्ती में गुर्जर समेत पांचों जातियों को 1 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा. आपको बता दें कि, जनवरी तक आरजेएस भर्ती के लिए होने वाले परिक्षा के लिए अभ्यर्थी इस कटेगरी में आवेदन भी कर सकते हैं. इसके बाद में परीक्षा की तारीख तय होगी. 

सरकार के इस फैसले का गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया है, लेकिन उनकी राज्य सरकार से उच्च न्यायिक सेवा में भी आरक्षण की मांग की है. गुर्जर समुदाय के नेताओं का मानना है कि उच्च न्यायिक सेवा में यदि आरक्षण मिलता है तो एडीजे बनना गुर्जर अभ्यर्थियों के लिए आसान हो जाएगा.

वहीं, राज्य सरकार के इस फैसले के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया कर्नल किरोडी सिंह बैंसला इसको जल्द लागु करने की मांग की, ताकि आरक्षण का सही समय पर लाभ मिल सके.

आपको बता दें कि, न्यायिक सेवा में एमबीसी (More Backward Class) के अंतर्गत 1 फीसदी आरक्षण का लाभ गुर्जर, रैबारी, गडरिया, बंजारा, गाड़ियां लुहार जाति को मिलेगा.

राज्य सरकार के इस फैसले के पीछे लोकसभा चुनावों के पहले इन जातियों को साथ रखने की कवायत मानी जा रही है. माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द नियमों में संशोधन करना चाहेगी. ताकि लोकसभा में इन जातियों को अपने पाले में किया जा सके. 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरा गुर्जरों ने वसुंधरा सरकार का आरक्षण के मुद्दे पर जमकर विरोध किया था, जिसका फायदा कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में मिला था.