बसपा से कांग्रेस में गए विधायकों के घाटे की ब्याज सहित गहलोत सरकार कर रही भरपाई

जल जीवन योजना में जिले की केवल भरतपुर, नदबई, नगर और वैर सीट के गांवों को मंजूरी मिली है. इन क्षेत्रों के विधायकों को सीएम गहलोत के निकट समझा जाता है. 

बसपा से कांग्रेस में गए विधायकों के घाटे की ब्याज सहित गहलोत सरकार कर रही भरपाई
जल जीवन योजना में जिले की केवल भरतपुर, नदबई, नगर और वैर सीट के गांवों को मंजूरी मिली है.

देवेंद्र  सिंह, भरतपुर: राज्य के सियासी संकट में चल रहे बाड़ेबंदी का असर दिखाई देने लगा है. गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान दिया था कि बाड़ेबंदी में रहने वाले विधायकों के घाटे की ब्याज सहित भरपाई की जाएगी. आश्वस्त किया था कि उनके क्षेत्रों की समस्याओं को तत्काल दूर किया जाएगा. 

इससे ठीक दो दिन पहले जलदाय विभाग की ओर से जनता जल जीवन योजना की जारी की गई मंजूरी में इस बयान झलक साफ दिखाई देती है. जल जीवन योजना में जिले की केवल भरतपुर, नदबई, नगर और वैर सीट के गांवों को मंजूरी मिली है. इन क्षेत्रों के विधायकों को सीएम गहलोत के निकट समझा जाता है. 

वहीं, पायलट खेमे में शामिल में माने जा रहे पूर्व मंत्री विश्वेंद्रसिंह के क्षेत्र डीग-कुम्हेर और विधायक अमरसिंह के क्षेत्र बयाना के लिए कोई भी योजना मंजूर नहीं की गई है. उल्लेखनीय है कि जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 4 पर कांग्रेस, 2 पर बसपा ओर एक पर लोकदल से विधायक चुने गए, जिनमें से बसपा विधायक नदबई के जोगेंद्र अवाना और नगर के वाजिब अली कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं, जबकि आरएलडी विधायक डॉ. सुभाष गर्ग सीएम गहलोत के खास समझे जाते हैं.

बसपा के कांग्रेस में गए विधायकों को सबसे ज्यादा जल जीवन योजना में नदबई और नगर विधायक को सबसे अधिक पैसा मिला है. नदबई में 13 योजनाओं में  2721 लाख रुपए, जबकि नगर में 12 योजनाओं में 2363 लाख रुपये मंजूर हुए हैं. जबकि भरतपुर में 10 योजनाओं में 1623 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं. वहीं वैर क्षेत्र में मात्र 2 परियोजनाओं में 366 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं. राजनीति के जानकारों का कहना है कि वैर विधायक भजनलाल जाटव पूर्व में सचिन पायलट के निकट माने जाते रहे हैं, लेकिन अब वे गहलोत गुट के बाड़े में हैं. बताया जाता है कि उनके साथ तौल-मोल के बोल की नीति चल रही है.

कामां विधायक ने प्रस्ताव भेजे, पर अभी मंजूरी नहीं
बाड़ेबंदी के शुरुआती दौर में कामां विधायक जाहिदा खान को पायलट गुट में माना जा रहा था, लेकिन कुछ दिन बाद वे जयपुर पहुंच गईं. कामां के एक भी प्रोजेक्ट को अभी मंजूरी नहीं मिली है. जबकि विधायक जाहिदा खान के निजी सचिव संजीव शर्मा का कहना है कि हमने भी जल जीवन योजना में प्रस्ताव भेजे थे, क्यों मंजूर नहीं हुए, इसके बारे में पता कराएंगे. विधायक जाहिदा जी से संपर्क नहीं हो रहा है.

7074 लाख की 37 योजनाएं मंजूर
गौरतलब है कि जलदाय विभाग ने प्रदेश में 19 जिलों की 201 ग्रामीण जल वितरण योजनाओं के लिए 613 करोड़ 52 लाख की स्वीकृति जारी की है. इसमें एक लाख 35 हजार 164 घरों को नल से जल कनेक्शन मिलेगा. भरतपुर जिले के नदबई विधानसभा क्षेत्र में 13 योजनाओं के 8075 नल कनेक्शन के लिए 2721.52 लाख, भरतपुर विधानसभा क्षेत्र में 10 योजनाओं के 5645 कनेक्शन के लिए 1623.64 लाख, नगर विधानसभा में 12 योजनाओं के लिए 8614 कनेक्शन के लिए 2363.09 लाख रुपये तथा वैर विधानसभा क्षेत्र में दो योजनाओं में 1068 कनेक्शन के लिए 366.39 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है. 

इसी प्रकार धौलपुर में विधानसभा क्षेत्र राजाखेड़ा में दो योजनाओं के 835 कनेक्शन के लिए 258.37 लाख तथा बसेड़ी में 4 योजनाओं के 3254 कनेक्शन के लिए 1517.48 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. जल जीवन मिशन के अन्तर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार के 50-50 प्रतिशत शेयर के आधार पर ये स्वीकृतियां जारी की गई हैं.