अलवर मामले के बाद एक्शन में गहलोत सरकार, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट का होगा गठन

अलवर के थानागाजी दुष्कर्म मामले में सियासत गरमाने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिला अपराधों पर कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर डीएसपी अधिकारी तैनात करने की घोषणा की थी.

अलवर मामले के बाद एक्शन में गहलोत सरकार, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट का होगा गठन
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद यूनिट का गठन कर दिया जाएगा. (फाइल फोटो)

विष्णु शर्मा, जयपुर: अलवर के थानागाजी दुष्कर्म मामले के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश स्तर पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के गठन की कवायद शुरू कर दी है. प्रदेश में 42 पुलिस जिलों में स्पेशल यूनिट गठित की जाएगी. इन यूनिट में डीएसपी स्तर का अधिकारी प्रभारी होगा. पुलिस मुख्यालय ने यूनिट के लिए पदों, वाहनों व संसाधनों की आवश्यकता का एक प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है. फिलहाल यूनिट गठन पर वित्त विभाग में मंथन चल रहा है.  

आपको बता दें कि, अलवर के थानागाजी दुष्कर्म मामले में सियासत गरमाने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिला अपराधों पर कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर डीएसपी अधिकारी तैनात करने की घोषणा की थी. गहलोत ने गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के थानागाजी दौरे के समय भी इस घोषणा को दोहराया. इधर पुलिस मुख्यालय से महिला अपराध रोकने, अपराधों पर कार्रवाई के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट खोलने का प्रस्ताव बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह के पास भेजा गया है. यह प्रस्ताव बुधवार को आगे की कार्रवाई के लिए वित्त विभाग को भेज दिया गया. मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद यूनिट का गठन कर दिया जाएगा. 

स्पेशल यूनिट पर सालाना 42 करोड़ का खर्च
जिला स्तर पर गठित होने वाली प्रत्येक युनिट के लिए डीएसपी के अलावा इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल ड्राइवर के एक-एक पद तथा कांस्टेबल के दो पद सृजित करने का प्रस्ताव है. वहीं, प्रत्येक यूनिट के लिए एक चार पहिया वाहन व दो मोटरसाइकिल की आवश्यकता बताई गई है. इसके साथ ही उपकरण, फर्नीचर व वायलेस सेट की भी जरूरत बताई गई है. इन सब पर करीब 42 करोड़ रुपए का खर्च बताया गया है. 

यूनिट की यह प्रमुख बातें-
- 42 पुलिस जिलों में गठित होगी स्पेशल इनवेस्टिगेशन यूनिट 
-प्रत्येक यूनिट में  डीएसपी,सीआई, एसआई, एएसआई, एचसी, चालक के 42-42 पद
- कांस्टेबल चालक के 84 पदों की आवश्यकता 
- स्टाफ की तनख्वाह पर 37 करोड़ रुपए का सालाना खर्च आएगा
- 3 करोड़ 67 लाख रुपए खर्च होगे वाहनों पर 
- करीब एक करोड़ रुपए खर्च हाेगा उपकरणों, फर्नीचर पर 
- करीब 15 लाख रुपए लाख खर्च होंगे वायरलेस सेट पर 

वित्त विभाग से जारी है मंथन
महिला अपराधों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट खोलने के मामले पर फिलहाल वित्त विभाग में मंथन चल रहा है. चूंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा और खुद गहलोत वित्त एवं गृहमंत्री दोनों है ऐसे में इन यूनिट के गठन को जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है.