गहलोत सरकार के मंत्री धारीवाल ने रखा विश्वास मत, महाराणा प्रताप से की CM की तुलना

मंत्री शांति धारीवाल विश्वास मत पर प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार गिराने की साजिश कर रही है.

गहलोत सरकार के मंत्री धारीवाल ने रखा विश्वास मत, महाराणा प्रताप से की CM की तुलना
विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र का आज पहला दिन है. सत्ताधारी सरकार और विपक्ष दोनों तरफ के नेता विधानसभा में मौजूद हैं. विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है.

विधानसभा में सचिन पायलट, दानिश अबरार, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, सुरेश टाक, मुरारी लाल मीणा, गजेंद्र सिंह शक्तावत, विश्वेंद्र सिंह, वेदप्रकाश सोलंकी और बृजेंद्र ओला को कुर्सियों पर जगह मिली है.

सबसे पहले संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने विश्वास प्रस्ताव रखा. धारीवाल ने ही बहस की शुरुआत की. मंत्री शांति धारीवाल विश्वास मत पर प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार गिराने की साजिश कर रही है. फिर भाजपा ने गुजरात में विधायक क्या करने भेजे थे? डांडिया करने भेजे थे क्या?

यह भी पढ़ें- राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र का आज पहला दिन, सियासी संग्राम में फंसा सेशन

 

धारीवाल ने कहा कि भाजपा कारण बताए कि अहमदाबाद से पांच आदमी वापस क्यों आए? भाजपा कहती रही कि बाड़ा खोल दो. फिर देखो कितने पक्षी उड़ा कर ले जाएंगे? वक्त ने बता दिया तुम्हारे पक्षी कितने उड़े? ऑपरेशल लोटस हमने फेल नहीं किया. भाजपा वालों ने अपने आप ही फेल कर दिया. 

शांति धारीवाल ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने की बात रख रहे थे. फडणवीस की सरकार गिरी तब क्या संविधान की हत्या नहीं हुई? 

असके आगे धारीवाल बोले - हमारी एकजुटता को बीजेपी ने बाड़ेबंदी बताया तो क्या गुजरात जाने वाले बीजेपी नेता रासलीला करने गए थे? कोरोना काल में विधानसभा में बैठने की नई व्यवस्था है. कुछ विधायकों के लिए खाली जगहों पर कुर्सियां लगाई गईं.

शांति धारीवाल ने आगे हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान भाजपा ने दोयम दर्जें के लोगों को जिम्मेदारी दी. इसका नतीजा सबने देखा. छोटा भाई, मोटा भाई के इशारों पर ओछी राजनीति हुई. अशोक गहलोत ने अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित किया. फेयरमाइंट में हमने अशोक गहलोत को गुनगुनाते देखा कि हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया. एक पंछी को भाजपा वाले उड़ा नहीं पाए. 

महाराणा प्रताप से की अशोक गहलोत की तुलना
इतना ही नहीं, मंत्री शांति धारीवाल ने महाराणा प्रताप से अशोक गहलोत की तुलना की और कहा कि जिस तरह अकबर पूरे देश को जीतता हुआ राजस्थान पहुंचा था लेकिन 1576 में महाराणा प्रताप ने यहां अकबर की सेना के दांत खट्टे किए थे, उसी तरह राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश की गई. गोवा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान में बीजेपी ने सरकार गिराने की कोशिश की लेकिन यहां अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान के रणबांकुरों ने दांत खट्टे किए.

विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का संबोधन
वहीं, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का संबोधन भी शुरू हुआ. विश्वास मत प्रस्ताव रख रहे शांति धारीवाल को संबोधित करते हुए कहा कि तू इधर उधर की बात ना कर, यह बता काफिला कहां लूटा? आज सत्तापक्ष के विधायकों में अविश्वास दिख रहा है. एक महीने में कई त्यौहार चले गए लेकिन संगीनों के पहरे में विधायक रहे. विधायकों को स्वतंत्रता की बधाई दी.