राजस्थान में गहलोत सरकार ने अपनाई 'जीरो करप्शन नीति', धड़ाधड़ कार्रवाई कर रही ACB

घूसखोर प्रदेश के मुख्यमंत्री की रडार पर हैं. प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाने वाली बड़ी मछलियों की रातों की नीदें उड़ चुकी हैं. 

राजस्थान में गहलोत सरकार ने अपनाई 'जीरो करप्शन नीति', धड़ाधड़ कार्रवाई कर रही ACB
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: गहलोत सरकार ने भ्रष्टाचार को लेकर अपने इरादे साफ़ कर दिए, एसीबी मुख्यालय में तेज-तर्रार पुलिस अधिकारियों को भ्रष्टाचार खत्म करने की जिम्मेदारी सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी. हर सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ये साफ कर दिया कि राजस्थान में भ्रष्ट्राचार के विरुद्ध सरकार जीरो टोलरेंस के साथ काम करने वाली है.

भरतपुर पुलिस रेंज में हुई ACB की कार्रवाई इसी की एक बानगी है, जो दलाल एसीबी ने गिरफ्तार किया, उसका रसूख काफी बड़ा था. भरतपुर पुलिस रेंज आईजी के सरकारी आवास से घूस का खेल चलाने वाला अब एसीबी की गिरफ्त में है और जांच की आंच DIG लक्ष्मण गौड़ तक भी पहुंच सकती है.

करप्शन के विरुद्ध सीएम गहलोत कितने एक्टिव इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन से पहले सीएम गहलोत खुद एसीबी मुख्यालय पहुंचे और भ्रष्टाचार की उन सभी बड़ी मछलियों को इशारा कर दिया कि घूसखोरी के खिलाफ राजस्थान एसीबी एक्शन लेने के लिए पूरी तरह फ्री हैंड रहेगी. राजस्थान सरकार ने एसीबी मुख्यालय में जाकर करप्शन की शिकायत करने वाले परिवादियों को भी बड़ी राहत थी. शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर से लेकर परिवादियों के संबंधित विभाग में कामकाज नहीं अटकें इसके लिए एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया.

घूसखोरी के समुंदर में गोते लगाने वाली बड़ी मछलियों सावधान 
घूसखोर प्रदेश के मुख्यमंत्री की रडार पर हैं. प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाने वाली बड़ी मछलियों की रातों की नीदें उड़ चुकी हैं. दिन का चैन खो गया है. रिश्वत लेने वाले साहब और साहब के सिपहसालार सावधान हो गए हैं. 

एसीबी के डीजी डॉ. आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की, जिनके सुपरविजन में लगातार एसीबी बड़े-बड़े घूसखोरों को पकड़ती जा रही है लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि ये बड़ी से बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए ACB को ये फ्री हैंड गहलोत सरकार ने दिया है. उद्देश्य साफ़ नजर आ रहा है राजस्थान में करप्शन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है. फिर चाहे किसी मंत्री या विधायक का आशीर्वाद प्राप्त सरकारी अधिकारी या निजी दलाल ही क्यों न हो.

अनलॉक होते ही जून की तपिश में भी रिश्वत के कीड़े हुए एक्टिव
लॉकडाउन में आवाजाही पर रोक के कारण रिश्वतखोरी का खेल भी मंदा रहा. अनलॉक के शुरू होते ही सामान्य गतिविधियां चालू हुई तो रिश्वत का यह गंदा खेल भी पहले की तरह चल पड़ा. एसीबी की लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्थिति सामने आई है. राजस्थान में कोरोना संक्रमण के दौरान आम जनता, व्यवसाय करने वाले लोग हर शख्स परेशान है. लॉकडाउन के चलते घूसखोर मछलियों को खासी दिक्कतें हुई और करीब तीन महीने तक सरकारी सिस्टम की ये घूसखोर मछलियों को रिश्वतकी मलाई खाने को नहीं मिली. इंतजार लंबा था और घूस लेने की ये प्यास बड़ी थी. बस इंतजार था कि कब लॉकडाउन खुले और रिश्वत की मलाई खाने को मिले. ये हम नहीं बल्कि राजस्थान में होने वाली एसीबी की ताबड़तोड़ कार्रवाई कहानी बयां कर रही है. अनलॉक होते ही अब सभी घूसखोर एक्टिव हो चुके हैं लेकिन उनसे ज्यादा एक्टिव हो चुकी है राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम.

जून में भ्रष्टाचार की यह हुई कार्रवाई
- भरतपुर रेंज आईजी लक्ष्मण गौड़ के नाम से उनके सरकारी आवास से फोन कर रेंज के थानाधिकारियों से घूस लेने वाला दलाल प्रमोद शर्मा गिरफ्तार. जांच की आंच पहुंच सकती है DIG लक्ष्मण गौड़ तक भी. टोंक में शिक्षा विभाग में मुख्य जिला शिक्षाधिकारी शिवजी राम यादव को बिचौलिए व्याख्याता सीताराम अग्रवाल के साथ जयपुर एसबी (ACB) ने 96 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया.
- चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार पंचायत समिति के बीडीओ को 50,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों ट्रैप किया है. बीडीओ रूप सिंह गुर्जर रिश्वत की यह राशि ने अपने ही कार्यालय में कनिष्ठ सहायक पद पर कार्यरत अनिल यादव से ले रहा था.
- राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम के परियोजना निदेशक लक्ष्मण सिंह को 3.65 लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा, मामले में ठेकेदार राजेश वाधवा के अलावा पर्यवेक्षण अधिकारी नरेन्द्र मोहन शर्मा और ठेकेदार रामसिंह भी गिरफ्तार हैं.
- सांगानेर थाने के हैड कांस्टेबल तेजराम के लिए रिश्वत के 20 हजार वसूलते दलाल हनुमान गिरफ्तार.
- कोटा नगर विकास न्यास के कनिष्ठ अभियंता सत्यनारायण मीणा व दलाल शिवराज गोस्वामी को गिरफ्तार किया.
- नागौर के कालड़ी पंचायत के सरपंच बालाराम जाट को 2 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते पकड़ा.
- बूंदी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश धाकड़ के लिए 5000 वसूलते मेडिकल स्टोर संचालक रमेश तेली को पकड़ा.
- पाली में जेवीवीएनएल के सहायक अभियंता कार्यालय के स्टोर कीपर को 2000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा.
- जयपुर वाणिज्य कर विभाग के प्रशासनिक सहायक अधिकारी अब्दुल को 34 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा.
- जीपीएफ जयपुर के लिपिक रघुवीर को बिल बनाने के एवज में 2500 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया.
- अलवर कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कनिष्ठ सहायक कैलाश चंद यादव को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा.
- भरतपुर में पहाड़ी पंचायत समिति के जेटीए रविन्द्र कुमार को 5000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया.

क्या है भरतपुर पुलिस रेंज में घूसखोरी का 
ACB राजस्थान की जयपुर देहात की टीम ने बुधवार को कार्यवाही करते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज के नाम पर 5 लाख रूपये रिश्वत की लेते दलाल श्रीनाथ टूर एंड ट्रेवल्स के मालिक प्रमोद शर्मा को गिरफ्तार किया है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिदेशक डॉ. आलोक त्रिपाठी और ADG सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि परिवादी भरतपुर के उधोग नगर थाना इंचार्ज जिला भरतपुर चन्द्रप्रकाश ने एसीबी मुख्यालय पर यह शिकायत दी की प्रमोद शर्मा दलाल मुझसे मेरी एसीआर सही करने एवं पुलिस सेवा में संरक्षण उप महानिरीक्षक पुलिस, भरतपुर रेंज से दिलवाने की एवज में 10 लाख रूपये की रिश्वत राशि की मांग कर रहा है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर देहात नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में रिश्वत की मांग का सत्यापन करवा कर ट्रेप की कार्रवाई कर घूसखोर प्रमोद शर्मा को 5 लाख रुपये की रिश्वत जयपुर स्थिति टोंक रोड सोढानी स्वीट्स पास से लेते हुए गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपी प्रमोद भरतपुर रेंज आईजी आवास से फोन और व्हाट्सअप कॉल के जरिए भरतपुर रेंज के सवाईमाधोपुर, धौलपुर, भरतपुर के थानाधिकारीयों से घूस मांग कर चुका था.

अब सवाल खड़ा होता है कि रिश्वत का इतना बड़ा खेल आईजी के आवास से चल रहा था, क्या उन्हें इसकी भनक नहीं थी या उनके परिवार या स्टाफ से ही कोई सदस्य इस पूरे घूस के खेल में शामिल था? घूसखोर प्रमोद शर्मा के जयपुर मालवीय नगर स्थित आलिशान आवास पर भी एसीबी ने सर्च की है. पूरे मामले में एसीबी ने अपनी जांच तेज कर दी.