घोटाले रोकने के लिए गहलोत सरकार का बड़ा कदम, 2.40 लाख सहकारी संस्थाएं होंगी ऑनलाइन

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि दैनिक कार्य व्यवहार में बढ़ते तकनीक के प्रयोग को देखते हुए संस्थाओं के सभी मेंडेटरी रिटर्न को ऑनलाइन दाखिल करवाया जाएगा.

घोटाले रोकने के लिए गहलोत सरकार का बड़ा कदम, 2.40 लाख सहकारी संस्थाएं होंगी ऑनलाइन
आदेशों की अवहेलना करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जयपुर: सहकारिता विभाग में हो रहे घोटालों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश में सभी 2 लाख 40 हजार सहकारी संस्थाएं ऑनलाइन होंगी. सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव नरेशपाल गंगवार ने सभी पंजीकृत सहकारी सोसायटियों, गैर लाभकारी संगठनों एवं खेलकूद की संस्थाओं की गतिविधियों सहित अन्य सभी प्राथमिक जानकारियां राजसहकार पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए पोर्टल पर 1 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक सभी संस्थाओं को एसएसओ आईडी के माध्यम से सभी रिकॉर्ड अपलोड करने होंगे. आदेशों की अवहेलना करने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

प्रमुख सचिव नरेशपाल गंगवार ने बताया कि राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001, राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 और स्पोर्टस एक्ट के तहत लगभग 2.40 लाख पंजीकृत संस्थाओं के लिये यह अनिवार्य है. जो संस्था 31 दिसम्बर तक अपनी सभी जानकारियां और अधिनियम के तहत प्रस्तुत किए जाने वाले रिटर्न ऑनलाइन दाखिल नहीं करेगी उनके विरूद्ध कार्यवाही कर उनका पंजीकरण रद्द करने की कार्यवाही की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिलों के सभी उप रजिस्ट्रार को निर्देशित किया जाये कि उनके जिले में पंजीकृत सभी संस्थाओं की सामान्य जानकारी 30 नवम्बर तक पोर्टल पर अपलोड हो जाए. सभी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की बेहतर मोनिटरिंग करने तथा आमजन को इन संस्थाओं के द्वारा किए जाने वाले नियम विरूद्ध कार्यों से बचाने के उद्देश्य से सभी संस्थाओं के विवरण और एक्टिविटीज को ऑनलाइन करने का निर्णय किया गया है.

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि दैनिक कार्य व्यवहार में बढ़ते तकनीक के प्रयोग को देखते हुए संस्थाओं के सभी मेंडेटरी रिटर्न को ऑनलाइन दाखिल करवाया जाएगा. उन्होंने कहा कि संस्थाओं में पारदर्शिता स्थापित करने के लिए 1 दिसम्बर से नई एप्लीकेशन के माध्यम से सोसायटियों से संबंधित सभी सूचनाओं को संशोधित करने की सुविधा प्रारम्भ कर दी जाएगी. सोसायटियों द्वारा 31 दिसम्बर तक जानकारियां अपलोड करने के पश्चात् 1 से 15 जनवरी तक उप रजिस्ट्रार के स्तर पर सूचनाओं का सत्यापन कर उसे लॉक करेंगे जो पब्लिक डोमेन में उपलब्ध होगी. इस प्रक्रिया से सोसाइटियों की प्रभावी मोनिटरिंग, उनकी स्थिति, आय-व्यय का ब्यौरा, ऑडिट, योजनाओं का विवरण, निर्वाचन की स्थिति, प्रबंधकार्यकारिणी, पता जानकारियां कोई भी व्यक्ति देख सकता है. वहीं विभाग के स्तर से भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग के द्वारा सोसाइटियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता स्थापित करने में मदद मिलेगी.