गहलोत ने प्राइवेट सेक्टर में वैक्सीन उपलब्ध कराने की उठाई मांग, PM मोदी को लिखा पत्र

सीएम ने कहा, 'राजस्थान में वैक्सीनेशन की रफ्तार 5.81 लाख डोजेज प्रतिदिन तक पहुंच गई थी जो देश में अग्रणी है, लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण यहां बार-बार वैक्सीनेशन बंद करना पड़ता है.'

गहलोत ने प्राइवेट सेक्टर में वैक्सीन उपलब्ध कराने की उठाई मांग, PM मोदी को लिखा पत्र
अशोक गहलोत और पीएम नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो)

Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के 'स्पीक अप फॉर वैक्सीन्स फॉर आल' (Speak Up For Vaccine For All) अभियान के तहत ट्वीट कर वैक्सीन की कमी पर केंद्र और मोदी सरकार के मंत्रियों पर निशाना साधा है. अशोक गहलोत ने लिखा, 'पिछले सालभर से राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ सामंजस्य बिठाकर काम करने का प्रयास कर रही हैं. राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं ने जनहित में सकारात्मक सुझाव देने के प्रयास किए हैं. लेकिन केंद्र सरकार ने पब्लिक हेल्थ में इन सुझावों पर अमल करने की बजाय नकारात्मक रवैया अपनाते हुए केंद्रीय मंत्रियों को मैदान में उतारकर अनुचित टीका-टिप्पणियां की जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.'

गहलोत ने कहा कि हाल ही में राजस्थान, महाराष्ट्र समेत 8-9 राज्यों ने स्पष्ट बताया गया कि वैक्सीन की कमी हो रही है. राजस्थान में वैक्सीनेशन की रफ्तार 5.81 लाख डोजेज प्रतिदिन तक पहुंच गई थी जो देश में अग्रणी है, लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण यहां बार-बार वैक्सीनेशन बंद करना पड़ता है.

गहलोत ने कहा कि वे कांग्रेस के कैंपेन हैशटेग स्पीक अप फॉर वैक्सीन्स फॉर आल का पूरी तरह समर्थन करते हैं. कोरोना पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए आयु सीमा को हटाकर सभी को वैक्सीन लगानी चाहिए. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है.

सीएम ने कहा कि वैक्सीन प्राइवेट सेक्टर में भी उपलब्ध होनी चाहिए जिससे आर्थिक रूप से सक्षम लोग निजी संस्थानों में अपना टीकाकरण करवा लें. अगर भारत में वैक्सीन (Corona Vaccine) निर्यात करने से पहले देश की जरूरत पूरी होती एवं सभी को वैक्सीन लगती तो कोरोना की ऐसी बर्बादी से बच पाते.