गहलोत सरकार के एक साल पूरे होने पर उद्यमियों को मिलेगी सौगात

परसादी लाल मीणा के अनुसार, प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकारकी ओर से नई उद्योग नीति और प्रभावी एकल खिड़की सिस्टम को लाया जा रहा है. 

गहलोत सरकार के एक साल पूरे होने पर उद्यमियों को मिलेगी सौगात
प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से नई उद्योग नीति और प्रभावी एकल खिड़की सिस्टम को लाया जा रहा है.

जयपुर: गहलोत सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर उद्यमियों को बड़ी सौगातें मिलने वाली हैं. उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा के अनुसार, राज्य सरकार का एक साल पूरे होने पर प्रदेश के उद्योग जगत और औद्योगिक विकास के लिए नई सौगातों और खुशियों से भरा होगा. 

परसादी लाल मीणा के अनुसार, प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से नई उद्योग नीति और प्रभावी एकल खिड़की सिस्टम को लाया जा रहा है. प्रदेश में औद्योगिक निवेश और नया उद्योग लगाने में उद्यमियों को होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए राज्य सरकार सिंगल विण्डों सिस्टम लाने जा रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर प्रदेश में बेहतर औद्योगिक माहौल, औद्योगिक मजबूती और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.

एमएसएमई एक्ट हुआ प्रभावी
जानकारी के अनुसार, एमएसएमई एक्ट में बदलाव कर लाए गए उद्योग मित्र पोर्टल पर आवेदन पर केवल दो मिनट में उद्यम लगाने की स्वीकृति की व्यवस्था समूचे देश में केवल राजस्थान ने लागू की है और कम समय में ही ढ़ाई हजार से अधिक उद्यमी लाभ उठा चुके हैं. मीणा के अनुसार, रीको के नए लांच होने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक प्लॉटों की दर को 20 से 25 प्रतिशत कम किया जा रहा है. इसी तरह से रीको औद्योगिक क्षेत्रों में लिए जा रहे सर्विस चार्ज को युक्तिसंगत बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं. मीणा के अनुसार, उद्योगों को महंगी बिजली दर पर गंभीरता से विचार करते हुए उच्च स्तर पर समाधान खोजा जा रहा है.

उद्यमियों से संवाद
उद्योग मंत्री के अनुसार, सरकार उद्यमियों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय और निरंतर संवाद कायम कर रही है. लगभग दस साल बाद राज्य स्तरीय औद्योगिक सलाहकार समिति की बैठकों का सिलसिला आरंभ किया गया है. दो बैठकें हो चुकी हैं और बजट से पहले एक बार फिर बैठक आयोजित कर सुझाव प्राप्त किए जाएंगे. सरकार विसंगतियों को दूर करने, सुझावों को अमली जामा पहनाने और औद्योगिक संघों से सीधा संवाद कायम कर प्रदेश को अग्रणी प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत है.

श्रम एवं कौशल विकास आयुक्त डॉ. समित शर्मा के अनुसार, प्रदेश में सभी तरह के प्रतिवर्ष सवा दो लाख कुशल श्रमिक तैयार किए जाएंगे. सरकार द्वारा कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट दोनों में युवाओं को सहयोग दिया जा रहा है. उद्यमियों को भी अपनी मांग, आवश्यकता और तकनीक में आ रहे बदलावों के अनुसार कौशल विकास के लिए समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया गया है.

600 करोड़ रुपये का होगा निवेश
राजस्थान फैडरेशन ऑफ एक्सपोटर्स के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा के अनुसार, जयपुर में विश्व का पहला जेम बोर्स बनने जा रहा है. इसकी स्थापना में ही करीब 600 करोड़ का निवेश होगा. अच्छी बात यह है कि उद्योग विभाग में सबसे अधिक काम होने से बेहतर माहौल बना है. एम्पलायर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष एनके जैन के अनुसार आने वाले समय में इलेक्ट्रिक क्षेत्र में 5 करोड़ रोजगार की संभावनाएं हैं.

Edited by : Laxmi Upadhyay, News Desk