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राजस्थान: चुनाव हारने के बाद बंगले से नहीं हुआ मोहभंग, सरकार ले सकती है एक्शन

इस विधेयक में संशोधन के जरिए सरकार ने पूर्व मंत्री पर सरकारी आवास खाली नहीं करने की स्थिति में 10 हज़ार रुपए रोजाना तक का किराया वसूलने का प्रावधान किया गया है.

राजस्थान: चुनाव हारने के बाद बंगले से नहीं हुआ मोहभंग, सरकार ले सकती है एक्शन
सोमवार को विधानसभा में विधेयक पेश किया गया. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: प्रदेश सरकार मंत्री पद से हटने के बाद भी सरकारी मकान खाली नहीं करने वाले लोगों पर सख्ती से निपटने की योजना बना रही है. सोमवार को विधानसभा में राजस्थान मंत्री वेतन (संशोधन) विधेयक 2019 पटल पर रखा गया. इस विधेयक में संशोधन के जरिए सरकार ने पूर्व मंत्री पर सरकारी आवास खाली नहीं करने की स्थिति में 10 हज़ार रुपए रोजाना तक का किराया वसूलने का प्रावधान किया गया है.

आपको बता दें कि प्रदेश की तत्कालीन सरकार की कुछ मंत्रियों ने पद से हटने के बाद भी सरकारी मकान खाली नहीं किये हैं. जिस कारण प्रदेश सरकार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस विधेयक के पास हो जाने के बाद पूर्व मंत्री अगर तय मियाद में सरकारी मकान खाली नहीं करते हैं तो उन्हें 10 हज़ार रुपये रोजाना तक सरकारी खजाने में जमा कराने होंगे. 

सरकार के मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि अपना पद छोड़ने के बाद जनप्रतिनिधियों को तय समय में सरकारी मकान खाली करने के नियम की पालना करना चाहिए.

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किरोड़ी लाल मीणा बंगले पर काबिज
जयपुर में दो सरकारी आवासों पर पूर्व मंत्रियों का कब्जा है. इनमें से एक बंगला सवाई मानसिंह अस्पताल के सामने एमपी किरोड़ी लाल मीणा के पास है. किरोड़ी लाल मीणा को वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में मंत्री रहते यह बंगला आवंटित हुआ था. उसके बाद अशोक गहलोत सरकार में उनकी पत्नी गोलमा देवी मंत्री रही, तब उनके नाम पर यह बंगला आवंटित हो गया. वही, वसुंधरा राजे सरकार ने मीणा को इस बंगले से बेदखल नहीं किया.

एमएलए राजवी ने भी नहीं खाली किया बंगला
वहीं, विधायक नरपत सिंह राजवी के पास आवंटित दूसरा बंगला सिविल लाइंस में है. यह बंगला इससे पहले पूर्व सीएम के तौर पर भैरों सिंह शेखावत को आवंटित हुआ था. शेखावत के निधन के बाद उनकी पत्नी सूरज कंवर के पास यह बंगला रहा, लेकिन उनके निधन के बाद से विधायक नरपत सिंह राजवी और उनका परिवार इस बंगले में रह रहे हैं. 

वसुंधरा राजे के दूसरे कार्यकाल में मंत्री किरण माहेश्वरी को शेखावत वाला बंगला आवंटित भी हुआ था, लेकिन तब नरपत सिंह राजवी के आग्रह पर उनको यह बंगला फिर से आवंटित कर दिया गया था.

राजस्व मंत्री हरीश चौधरी मानते हैं कि भैरों सिंह शेखावत का प्रदेश की राजनीति में बड़ा योगदान था. ऐसे में उनके परिवार के लोगों के लिए इस मामले में रियायत दी जानी चाहिए. हालांकि चौधरी ने इसे अपनी व्यक्तिगत राय बताया.

वहीं, पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी का कहना है कि सरकारी आवास सीमित होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसलिए मंत्रियों को अपने पद से हटने के बाद तय समय में मकान खाली कर देना चाहिए.

(साथ में भरत राज, जयपुर)