32 मीटर से ऊंची हाईड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं होने के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की पालना रिपोर्ट

प्रदेश में आग बुझाने व आगजनी से बचाव के लिए 32 मीटर से ऊंची हाईड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं होने के मामले में राज्य सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट में पालना रिपोर्ट पेश की. 

32 मीटर से ऊंची हाईड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं होने के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की पालना रिपोर्ट
फाइल फोटो

जयपुर: प्रदेश में आग बुझाने व आगजनी से बचाव के लिए 32 मीटर से ऊंची हाईड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं होने के मामले में राज्य सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट में पालना रिपोर्ट पेश की. पालना रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि जयपुर के लिए 72 मीटर ऊंचे हाइड्रोलिक लेडर व जोधपुर, उदयपुर, कोटा व भिवाडी के लिए 60 मीटर ऊंचे हाइड्रोलिक लेडर खरीदने की मंजूरी दे दी है. 

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इन्हें खरीदने के लिए एनआईटी जारी कर एग्रीमेंट भी हो गया है. इनकी डिलेवरी एग्रीमेंट की तारीख 7 जुलाई 2020 से एक साल की अवधि में हो जाएगी. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महान्ति व न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने कुणाल रावत की पीआईएल में पेश पालना रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की सुनवाई 17 अगस्त को तय की है.

हाईकोर्ट ने पिछली साल 3 जुलाई के अंतरिम आदेश से जयपुर, जोधपुर व कोटा सहित प्रदेशभर में आग बुझाने के लिए 32 मीटर से ऊंची हाइड्रोलिक सीढी नहीं आने तक राज्य के स्वायत्त शासन विभाग को 32 मीटर से ज्यादा ऊंचाई की इमारतों के निर्माण की मंजूरी नहीं देने का निर्देश दिया था. 

राज्य सरकार की ओर से पालना रिपोर्ट में कहा कि 20 जनवरी 2020 से 10 मार्च 2020 की अवधि के दौरान जयपुर में 178 मैरिज गार्डन व 72 रूफ टॉप रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किए गए. जबकि 40 सिनेमा हॉल्स व 20 फैक्ट्रीज को एनओसी जारी की गई. इसके अलावा अलवर में चार मैरिज गार्डन, 17 कोचिंग संस्थानों व एक रूफ टॉप रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किए गए. वहीं बांरा, बाडमेर, नदबई व किशनगढ में भी नोटिस जारी किए गए हैं.

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