राजस्थान में नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए सरकार लाएगी यह योजना

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कम वजनी, कुपोषित और समय से पहले जन्मे नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए सरकार 'नवजात सुरक्षा योजना' लाएगी. 

राजस्थान में नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए सरकार लाएगी यह योजना
प्रतीकात्मक फोटो

जयपुर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कम वजनी, कुपोषित और समय से पहले जन्मे नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए सरकार 'नवजात सुरक्षा योजना' लाएगी. उन्होंने कहा कि कंगारू मदर केयर पद्वति को भी 'निरोगी राजस्थान' का हिस्सा बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी नवजात की मौत ना हो इसके लिए जल्द ही ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. इस प्रोग्राम के लिए 77 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा चुके हैं, जो कि जिला और ब्लाॅक स्तर पर जाकर आमजन को 'कंगारू मदर केयर' के बारे में जागरूक करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में लगाए जाने वाले स्वास्थ्य मित्रों को भी कंगारू मदर केयर का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में और कमी आ सके.

क्या है 'कंगारू मदर केयर'
कंगारू मदर केयर वह तकनीक है, जिसमें बच्चे को मां के सीने से चिपका कर रखा जाता है, ताकि मां की शरीर की गर्माहट बच्चे तक ट्रांसफर हो पाए. मां का तापमान बच्चे को मिलने से बच्चे का तापमान स्थिर रहता है और उसे ठंडा बुखार होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है.  

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि नवजातों के लिए 'कंगारू मदर केयर' बेहतरीन काॅन्सेप्ट है, जिसमें बिना किसी खर्चे के केवल 'स्पर्श चिकित्सा' के जरिए बच्चा बेहतर स्वास्थ्य पा सकता है. उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में शिशु मृत्यु दर में हालांकि कमी आई है. पहले जहां यह 41 प्रतिशत था वहीं अब 35 प्रतिशत रह गया है. आने वाले समय में इसे और भी कम किया जाएगा. सवाई मानसिंह मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भंडारी ने कंगारू मदर केयर केयर के बारे में बताते हुए मां की गोद को प्राकृतिक इन्क्यूबेटर बताया. उन्होंने कहा कि विज्ञान के अनुसार केएमसी काॅन्सेप्ट के जरिए ही बच्चे का संपूर्ण विकास होता है.

यूनिसेफ के प्रतिनिधि ल्यूई डी ओक्वीने ने बताया कि अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान में शिशु मृत्यु दर में कमी आई है. यूनिसेफ सरकार के साथ मिलकर केएमसी पद्वति पर काम करेगी और नवजातों की देखभाल में अहम भूमिका निभाएगी. कंगारू मदर केयर संस्थान के संस्थापक और अध्यक्षा डाॅ. शशि वाणी ने बताया कि संस्थान देश भर में ऐसी काॅन्फ्रेंस कर आमजन और डाॅक्टर्स में केएमसी के प्रति जागरूकता ला रही है.

काॅन्फ्रेंस में प्रोफेसर निबालकर, जेके लाॅन अस्पताल के अधीक्षक डाॅ. अशोक गुप्ता, डाॅ. एमएल गुप्ता, प्रोफेसर दीपा बानकर, प्रोफेसर सिद्धार्थ रामजी सहित कंगारू मदर केयर से बचे बच्चे व उनकी माएं भी उपस्थित थीं.