राजस्थान सरकार के सुझावों को बृज विश्वविद्यालय ने किया दरकिनार, स्टूडेंट्स परेशान

अब विद्यार्थियों को बृज विश्वविद्यालय की मनमानी का खामियाजा भी भुगतना होगा.

राजस्थान सरकार के सुझावों को बृज विश्वविद्यालय ने किया दरकिनार, स्टूडेंट्स परेशान
अब विद्यार्थियों को बृज विश्वविद्यालय की मनमानी का खामियाजा भी भुगतना होगा.

देवेंद्र सिंह, भरतपुर: कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र के बाद अब विद्यार्थियों को बृज विश्वविद्यालय की मनमानी का खामियाजा भी भुगतना होगा. 

राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के क्रमोन्नत को लेकर जारी किए गाइड लाइन को बृज विश्वविद्यालय ने दरकिनार करते हुए खुद के नियम थोप दिए हैं. ऐसे में अब स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर पूर्वाद्ध के विद्यार्थियों को अपने परिणाम के लिए एक वर्ष का और इंतजार करना होगा.

बृज विश्वविद्यालय के कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक फरवट सिंह ने बताया कि शुक्रवार को विश्वविद्यालय की वर्किंग कमेटी ऑफ एक्जामिनेशन की बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य सरकार द्वारा भेजे सुझावों की बजाय विश्वविद्यालय ने खुद के नए नियमों को लागू करने का फैसला किया है.

राज्य सरकार की ये थी गाइड लाइन
- स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को दसवीं व बारहवीं के अंकों पर क्रमोन्नत किया जाए. 
- स्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष के अंकों आधार पर क्रमोन्नत किया जाए.
- स्नातक पूर्वाद्ध के विद्यार्थियों को स्नातक के अंकों के आधार पर क्रमोन्नत किया जाए.

यूनिवर्सिटी ने यूं तोड़-मरोड़ दिए सुझाव
- स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को 10वीं व 12वीं के क्रमोन्नत के आधार पर क्रमोन्नत करने के बजाय वर्ष 2021 में स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराई जाए और उसके आधार पर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को क्रमोन्नत किया जाए.
- स्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष के अंकों आधार पर क्रमोन्नत करने के बजाय वर्ष 2021 में स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराई जाए और उसके आधार पर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को क्रमोन्नत किया जाए.
- इसी प्रकार स्नातक पूर्वाद्ध के विद्यार्थियों को स्नातक के अंकों के आधार पर क्रमोन्नत करने के बजाय वर्ष 2021 में स्नातक उत्तराद्र्ध की परीक्षा के अंकों के आधार पर पूर्वाद्ध के विद्यार्थियों को क्रमोन्नत किया जाए.