बांसवाड़ा पहुंचा टिड्डियों का गैंग, किसानों की माथे पर छाई चिंता की लकीर

टिडि्डयों का दल अपने खेतों में आता देख ग्रामिण व किसान चिंता में आ गए हैं. किसानों ने अपने खेतो की फसल बचाने के लिए थालिया, ढोल बजाकर इन्हें भगा रहे हैं

बांसवाड़ा पहुंचा टिड्डियों का गैंग, किसानों की माथे पर छाई चिंता की लकीर
प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद क्षेत्र से हजारों की संख्या में टिडि्डयों का दल आया है.

अजय ओझा/बांसवाड़ा: राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई जिलों में फसलों को बड़ा नुकसान पहुचाने के बाद, अब टिडि्डयों का दल बांसवाड़ा जिले में दस्तक  दे चुका है. जिले के घाटोल उपखंड क्षेत्र में प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद क्षेत्र से हजारों की संख्या में टिडि्डयों का दल आया है.

टिडि्डयों का दल अपने खेतों में आता देख ग्रामिण व किसान चिंता में आ गए हैं. किसानों ने अपने खेतो की फसल बचाने के लिए थालिया, ढोल बजाकर इन्हें भगा रहे हैं. घाटोल उपंखड के जगपुरा, देलवाडा, कंठाव, बडीपडाल, खमेरा, उदाजी का गढा, खैरवा, वाडगुन, भूंगडा आदि क्षेत्रों के लगभग पांच किमी तक का क्षेत्र टिड्डी से प्रभावित है.

टिड्डी दल ने हमला भिंडी, बैगन, ग्वारफली, सहित अन्य सब्जियों व कुछ हिस्से की मक्का की फसल नष्ट कर दी है. इसके बाद, यह दल माहीडेम होते हुए छोटी सरवन क्षेत्र में पहुंच गया है. नगर परिषद की दो दमकल की गाड़ियां कीटनाशी का छिड़काव किया जा रहा है.

इससे पुर्व जिले में 27 साल पहले 1993-94 में टिड्डी दल आया था, जिससे जिले में भारी मात्रा में हरियाली, फसल और पेड़ पोधों को नुकसान हुआ था. बता दें कि, बीते दिनों, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि, टिड्डी समस्या से निपटने के लिए सरकार प्रयासरत है और काफी हद तक सफलता मिली भी है.

उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए ब्रिटेन से नई मशीनें भी मंगाई जा रही हैं, जिनका आर्डर दिया जा चुका है. देश के पश्चिमी सीमावर्ती इलाके में फसलों पर टिड्डियों के हमले फिर शुरू हो गए हैं, जिससे किसानों को निजात दिलाने के लिए कृषि मंत्रालय में लगातार रणनीति तैयार की जा रही है. इसी सिलसिले में केंद्रीय मंत्री ने कीटनाशक कंपनियों के प्रमुखों और अन्य प्रतिनिधियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत की थी.

तोमर ने कहा कि कृषि का क्षेत्र देश में प्राथमिकता का क्षेत्र है, जिसमें मोदी सरकार कोई परेशानी नहीं आने देगी. उन्होंने कहा, 'राज्य सरकारों व जिला प्रशासन के सहयोग से सरकार टिड्डी समस्या से निपटने के लिए पूरे प्रयत्न कर रही है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है. ब्रिटेन से नई मशीनें भी आ जाएंगी, जिनका आर्डर दिया जा चुका है.'

इस मौके पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री परषोत्तम रूपाला और कैलाश चौधरी के साथ-साथ मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. तोमर ने कहा, 'कृषि मंत्रालय ने टिड्डी समस्या को लेकर अनेक कदम उठाए हैं. यह ज्वलंत विषय है. लंबे अरसे बाद पिछले साल टिड्डी दलों का हमला हुआ, तो सभी लोग एकाएक घबरा गए. लेकिन संतोष की बात है कि, किसानों के साथ ही हम-सबने मिलकर इससे मुकाबला किया और टिड्डी दलों को मारकर नुकसान रोकने की कोशिश की गई. जिन किसानों को नुकसान हुआ, केंद्र एनडीआरएफ (NDRF) से मदद दे रहा है.'

जानकारी के अनुसार, अब तक राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर व नागौर जिले तथा पंजाब के फाजिल्का में डेढ़ सौ जगह 14,300 हेक्टेयर क्षेत्र में नियंत्रण किया गया है. वर्तमान में श्रीगंगानगर, फलौदी (जोधपुर), बाड़मेर, अजमेर व नागौर जिलों में टिड्डियों का झुंड सक्रिय है.