जयपुर: फरवरी में सस्ती हुईं हरी सब्जियां, पिछले चार महीने से जारी था तेज़ी का दौर

सीजनेबल सब्जियों का रकबा भी बढ़ा है. ऐसे में स्थानीय मंडियों में हरी सब्जियों की बढ़ी आवक का असर दिखने लगा है. 

जयपुर: फरवरी में सस्ती हुईं हरी सब्जियां, पिछले चार महीने से जारी था तेज़ी का दौर
कृषि मंत्रालय का पूर्वानुमान है कि 2019-20 में टमाटर, आलू और प्याज के अच्छे पैदावार की उम्मीद है.

जयपुर: हरी सब्जियों की कीमतों में आई तेजी पर अब ब्रेक लगा है. सीजनेबल सब्जियों की स्थानीय आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट है. एशिया की सबसे बड़ी फल सब्जी टर्मिनल मुहाना मंडी में भी सब्ज़ियों में मंदी का दौर जारी है. 

यपुर फल और सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तंवर ने बताया कि सब्जियों के भावों में गिरावट है. गाजर, गोभी, खीरा, लौकी, मिर्च, पालक, धनिया, टमाटर, मूली कीमतो में गिरावट है. प्याज और आलू कीमतों में भी अब आवक बढ़ने से गिरावट है. हरी प्याज की थोक कीमतों तो पांच रुपये से दस रुपये प्रति किलो है. खुदरा में यह 20 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है. कोल्ड स्टोरेज से आ रहा आलू फिलहाल महंगा है, नए आलू की आवक में हो रहे इजाफे से दाम घटने लगे हैं. 

मंडी मे सब्ज़ियों के थोक भाव इस प्रकार हैं- 
फूल गोबी - 6 से 8 रुपये किलो
खीरा - 8 से 10 रुपये किलो
पत्ता गोबी - 5 से 8 रुपये किलो
धनिया - 8 से 10 रुपये किलो
टमाटर  - 10 से 12 रुपये किलो
गाजर - 12 से 14 रुपये किलो
प्याज़ - 5 से 22 रुपये. किलो
मिर्च - 13 से 15 रुपये तक
लौकी - 10 से 12 रुपये तक

मंडी में सब्ज़ियों के खुदरा भाव इस प्रकार हैं-
फूल गोबी - 15 से 20 रुपये किलो
खीरा - 18 से 25 रुपये किलो
पत्ता गोबी - 15 से 25 रुपये किलो
धनिया - 20 से 40 रुपये किलो
टमाटर  - 15 से 25 रुपये किलो
गाजर - 15 से 30 रुपये किलो
प्याज़ - 20 से 40 रुपये किलो
मिर्च - 25 से 50 रुपये तक
लौकी - 15 से 25 रुपये तक

कृषि मंत्रालय का पूर्वानुमान है कि 2019-20 में टमाटर, आलू और प्याज के अच्छे पैदावार की उम्मीद है. जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस साल प्याज की पैदावार में 7 प्रतिशत, आलू की पैदावार में 3.49 फीसदी और टमाटर की पैदावार में 1.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी  संभावित है. सीजनेबल सब्जियों का रकबा भी बढ़ा है. ऐसे में स्थानीय मंडियों में हरी सब्जियों की बढ़ी आवक का असर दिखने लगा है. 

अधिकतर सब्जियों के थोक भाव 10 रुपये प्रति किलो से नीचे हैं, वहीं खुदरा में भी सत्तर प्रतिशत सब्जियों के दाम बीस रुपये प्रति किलो से नीचे हैं. प्रदेश के अन्य जिलों से भी प्याज की नई फसल आना शुरू हो गई है. इससे प्याज कीमतों में और कमी आना तय है. जोधपुर, शेखावाटी, बगरू और चौमूं सहित आसपास की जगहों से मंडियों में प्याज की आवक शुरू हो रही है. महंगाई के कई महीने गुजारने के बाद खाने की थाली में यह राहत सुहानी लग रही है. मंडी कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में गिरावट का दौर मार्च तक जारी रहेगा.